बिश्केक में मोदी-पुतिन की मुलाकात, जानिए SCO समिट में दोनों नेताओं के बीच क्या हुई बात
किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित 16वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई।
New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हो रहे 16वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान एक अहम बैठक की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत चल रही है।
इस शिखर सम्मेलन में SCO सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं, जो 31 अगस्त से 1 सितंबर, 2026 तक आयोजित हो रहा है। बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मौजूद हैं।
सितंबर में भारत आएंगे पुतिन
रूसी राष्ट्रपति के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने पीएम मोदी और पुतिन के बीच हुई बैठक को सितंबर में पुतिन की प्रस्तावित भारत यात्रा की तैयारियों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के बीच भविष्य की रणनीतियों और सहयोग को मजबूत करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पुतिन की भारत यात्रा के दौरान कई अहम समझौतों और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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भारत और रूस के बीच बेहतर आर्थिक और तकनीकी सहयोग
रूस ने भारत के साथ अपनी आर्थिक साझेदारी को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। राष्ट्रपति पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने भारत को रूस के लिए एक अहम साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में दोनों देश टेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ा सकते हैं। भारत और रूस के बीच संयुक्त उद्यमों और निवेश साझेदारी की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) क्या है?
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) यूरेशियाई देशों का एक प्रमुख क्षेत्रीय संगठन है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और आपसी संबंधों को मजबूत करना है। यह संगठन शुरुआत में चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस और ताजिकिस्तान वाले एक क्षेत्रीय समूह के रूप में शुरू हुआ था। बाद में इसका विस्तार हुआ और यह दुनिया के प्रमुख बहुपक्षीय संगठनों में से एक बन गया।
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कई देश SCO का हिस्सा
वर्तमान में, SCO में 10 स्थायी सदस्य देश, 15 संवाद साझेदार और 2 पर्यवेक्षक देश शामिल हैं। यह संगठन क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद से निपटने, आर्थिक सहयोग और वैश्विक स्तर पर बहुपक्षीय व्यवस्था को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करता है।
बदलती वैश्विक राजनीति में SCO की भूमिका
बदलती वैश्विक राजनीति के संदर्भ में SCO को एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। सदस्य देश इसे एक ऐसे ढांचे के रूप में देखते हैं जहां विभिन्न देश सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। इस संगठन के माध्यम से, सदस्य देश क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने और वैश्विक शक्ति संतुलन में अपनी भूमिका को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।