पहलगाम बेस से रवाना हुआ अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए तीसरा जत्था, कड़ी सुरक्षा के बीच बाबा बर्फानी के दर्शन कर रहे श्रद्धालु

अमरनाथ यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार तड़के करीब 4,812 श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था जम्मू से रवाना होकर पहलगाम बेस कैंप पहुंचा और वहां से पवित्र गुफा की यात्रा शुरू कर दी। वहीं पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिससे श्रद्धालु बिना किसी परेशानी

Jul 5, 2026 - 09:30
पहलगाम बेस से रवाना हुआ अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए तीसरा जत्था, कड़ी सुरक्षा के बीच बाबा बर्फानी के दर्शन कर रहे श्रद्धालु

अमरनाथ यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार तड़के करीब 4,812 श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था जम्मू से रवाना होकर पहलगाम बेस कैंप पहुंचा और वहां से पवित्र गुफा की यात्रा शुरू कर दी। वहीं पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिससे श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ सकें। यात्रा मार्ग पर हर जगह सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

दरअसल यात्रा के शुरुआती दिनों में ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। पहले दिन 12,168 से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में दर्शन किए थे। इसके बाद भी लगातार नए जत्थे यात्रा के लिए रवाना हो रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम

वहीं इस बार अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत की गई है। यात्रा मार्ग, बेस कैंप और प्रमुख पड़ावों पर सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का कहना है कि पूरे रास्ते उन्हें सुरक्षा का भरोसा महसूस हो रहा है और व्यवस्थाएं अच्छी हैं।

प्रशासन की यात्रियों से अपील

दरअसल स्थानीय प्रशासन ने सभी यात्रियों से तय तारीख पर ही यात्रा करने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाती है। इसी वजह से एडवांस रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाया गया है। बिना पंजीकरण पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अपनी बारी आने तक इंतजार करना पड़ सकता है। प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ नियंत्रण में रहेगी और यात्रा सुचारू तरीके से पूरी कराई जा सकेगी।

युवाओं की भागीदारी भी बढ़ी

वहीं अमरनाथ यात्रा को लेकर इस बार युवाओं में भी खास उत्साह देखने को मिल रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में युवा श्रद्धालु यात्रा में शामिल हो रहे हैं। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा बर्फानी के दर्शन उनके जीवन की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक हैं और यहां आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।