भोपाल के जूस सेंटरों पर खाद्य विभाग की कार्रवाई, मैंगो शेक में सिंथेटिक एसेंस-सैकरीन मिला, सागर गैरे आउटलेट पर भी पहुंची टीम
भोपाल में जूस पीने वालों के लिए बुरी खबर है। दरअसल शहर के कई ज्यूस सेंटरों और लस्सी कॉर्नर पर खाद्य विभाग की टीम ने गुरुवार को छापा मारा। वहीं जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जहां मैंगो शेक में सिंथेटिक एसेंस और थिकनर-सैकरीन का उपयोग पाया गया है। यह ग्राहकों के स्वास्थ्य से
भोपाल में जूस पीने वालों के लिए बुरी खबर है। दरअसल शहर के कई ज्यूस सेंटरों और लस्सी कॉर्नर पर खाद्य विभाग की टीम ने गुरुवार को छापा मारा। वहीं जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जहां मैंगो शेक में सिंथेटिक एसेंस और थिकनर-सैकरीन का उपयोग पाया गया है। यह ग्राहकों के स्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़ है। खाद्य निरीक्षकों की टीम ने इन अनियमितताओं के चलते कई जगहों से नमूने लिए।
दरअसल टीम ने अशोका गार्डन में स्थित न्यू फेमस एंड रेस्टोरेंट से मैंगो जूस, लस्सी, मैदा, गुलाब जामुन और मठरी के नमूने जब्त किए। वहीं, बरखेड़ी के बॉम्बे जूस कॉर्नर, एमपी नगर के घमंडी लस्सी, इंद्रपुरी के आदर्श जूस सेंटर, बुधवारा के बॉम्बे जूस सेंटर, रंगमहल चौराहा के आगरा समोसा कॉर्नर, इब्राहिमपुरा के फेमस जूस कॉर्नर, पीरगेट के श्री कृष्णा लस्सी कॉर्नर और घोड़ा नक्कास के गुजरात कोल्डड्रिंक एंड जूस सेंटर पर भी कार्रवाई की गई। इन सभी प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप हैं।
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं
दरअसल प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई विक्रेता मैंगो शेक और अन्य जूस में हानिकारक दार्द्राजीन कलर (कृत्रिम रंग), सिंथेटिक एसेंस, थिकनर और भारी मात्रा में सैकरीन का उपयोग कर रहे हैं। ये सभी रसायन मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक सिद्ध हो सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी संदिग्ध नमूनों को आगे की जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे दुकानदारों के लाइसेंस भी निरस्त किए जा सकते हैं।
सागर गैरे आउटलेट पर भी पहुंची टीम
लोगों से अपील की गई है कि वे अत्यधिक सस्ते और चमकीले रंग वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें, क्योंकि ये किडनी और लिवर जैसे महत्वपूर्ण अंगों के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं। यह सीधे तौर पर लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। इसी बीच, सात नंबर स्टॉप स्थित सागर गैरे आउटलेट पर भी खाद्य निरीक्षक की टीम एक गंभीर शिकायत की जांच करने पहुंची। शिकायत यह थी कि वहां के भोजन में कीड़े पाए गए थे। टीम के निरीक्षण में खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्वच्छता व्यवस्था में कई अनियमितताएं सामने आईं। यह खाद्य सुरक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन था।
वैधानिक नोटिस जारी किया गया
स्वच्छता मानकों का उल्लंघन और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर सागर गैरे आउटलेट के संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006, नियम एवं विनियम 2011 की धारा 32 के अंतर्गत वैधानिक नोटिस जारी किया गया है। गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें तत्काल राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया। जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। धारा 32 के तहत जारी इस नोटिस के माध्यम से संचालक को 14 दिन के अंदर परिसर की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में सुधार न होने की स्थिति में प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई है। यह कार्रवाई भोपाल में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है।