FIFA World Cup 2026 : दिल्ली से छोटा देश, 5 लाख आबादी, पहली बार वर्ल्ड कप में उतरी टीम ने स्पेन के छुड़ाए पसीने
FIFA वर्ल्ड कप 2026 में बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही अफ्रीकी टीम केप वर्डे ने 2010 की चैंपियन स्पेन को 0-0 ड्रॉ पर रोक दिया। सिर्फ 5 लाख आबादी वाले इस छोटे देश ने अपने मजबूत डिफेंस और गोलकीपर वोज़िना की शानदार परफॉर्मेंस से स्पेन के दिग्गज आक्रमण को पूरी तरह रोक दिया।
New Delhi Desk : विश्व कप फुटबॉल में पहली बार खेल रही केप वर्डे (Cape Verde) और 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दुनिया की दिग्गज टीमों में गिनी जाने वाली स्पेन को अफ्रीकी देश केप वर्डे ने कड़ी टक्कर दी और मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। मैच ड्रॉ रहने के कारण दोनों टीमों को 1-1 अंक मिला। करीब 5 लाख आबादी वाले और दिल्ली से भी छोटे देश की टीम ने अपने पहले ही वर्ल्ड कप मुकाबले में दुनिया को बड़ा संदेश दे दिया कि उसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।
स्पेन की जीत की उम्मीदों पर लगा ब्रेक
फीफा वर्ल्ड कप 2026 की प्रबल दावेदार मानी जा रही स्पेन को अपने पहले ही मुकाबले में झटका लगा। विश्व रैंकिंग में शीर्ष टीमों में शामिल स्पेन के सामने पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही केप वर्डे की टीम डटकर खड़ी रही। मैच से पहले ही केप वर्डे ने साफ कर दिया था कि वह सिर्फ हिस्सा लेने नहीं, बल्कि मुकाबला करने आई है और मैदान पर उसने अपने खेल से इसे साबित भी कर दिया।
नहीं चला यमाल का जादू
स्पेन की ओर से स्टार स्ट्राइकर लामिन यमाल पर सभी की निगाहें टिकी थीं। 71वें मिनट के बाद मैदान में स्पेनिश समर्थकों का शोर चरम पर पहुंच गया, लेकिन केप वर्डे की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने यमाल भी बेबस नजर आए। आखिरी 20 मिनट में स्पेन ने लगातार हमले किए, लेकिन केप वर्डे के खिलाड़ियों ने कोई मौका नहीं दिया।
आंकड़ों में स्पेन भारी, लेकिन गोल नहीं
पूरे मैच में स्पेन का दबदबा साफ दिखाई दिया। टीम ने 74 प्रतिशत बॉल पजेशन अपने पास रखा, जबकि केप वर्डे के हिस्से सिर्फ 26 प्रतिशत पजेशन आया। स्पेन ने 92 प्रतिशत सटीक पास दिए और कई बार गोल पर निशाना साधा, लेकिन केप वर्डे के 40 वर्षीय अनुभवी गोलकीपर वोज़िना दीवार बनकर खड़े रहे। उनके शानदार बचाव ने स्पेन को गोल करने से रोक दिया।
केप वर्डे के लिए ड्रॉ किसी जीत से कम नहीं
टूर्नामेंट के इस मुकाबले में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी, लेकिन स्पेन जैसी मजबूत टीम के खिलाफ ड्रॉ खेलना केप वर्डे के लिए किसी ऐतिहासिक जीत से कम नहीं माना जा रहा। पहली बार वर्ल्ड कप में उतरी इस टीम ने एक अंक हासिल कर अगले दौर की उम्मीदों को मजबूत कर लिया है।