चीन का बैकफुट पर आना तय! रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, उत्तरी सीमा पर कम हुई चीनी सैनिकों की तैनाती

ब्रिक्स समिट 2026 के बाद LAC पर भारत को मिली बड़ी कूटनीतिक सफलता। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार चीनी सेना ने उत्तरी सीमा पर अपनी तैनाती घटाई। जानें 2024 डिसइंगेजमेंट और SR वार्ता के बाद कैसे बदले सीमा के हालात।

Sep 14, 2026 - 11:30
चीन का बैकफुट पर आना तय! रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, उत्तरी सीमा पर कम हुई चीनी सैनिकों की तैनाती

New Delhi: ब्रिक्स समिट 2026 के समापन के साथ ही भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पिछले कई वर्षों से जारी सैन्य तनाव को कम करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। रक्षा मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 के दौरान भारत की उत्तरी सीमा के सामने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की सैन्य उपस्थिति में उल्लेखनीय कमी आई है। लंबे समय से भारत की सख्त शर्तों और अडिग रुख के आगे आखिरकार चीन को अपनी सेना की संख्या घटानी पड़ी है।

रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उत्तरी सीमा से सटे चीनी क्षेत्रों और वहां के आर्मी ट्रेनिंग एरिया में अब PLA की लगभग 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड ही तैनात रह गई हैं। भारत शुरू से ही सीमा पर स्थायी शांति के लिए सैनिकों की संख्या में कटौती (डी-एस्कलेशन) की मांग कर रहा था। इस रिपोर्ट को दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की प्रक्रिया का एक ठोस प्रमाण माना जा रहा है।

2024 के डिसइंगेजमेंट के बाद तनाव घटाने की बड़ी पहल

साल 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुए टकराव के बाद से दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण थे। हालांकि, लगातार चली सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं के बाद 2024 में विवादित बिंदुओं से सैनिकों के पीछे हटने (डिसइंगेजमेंट) की प्रक्रिया शुरू हुई। अब 2025-26 में चीनी सैनिकों की संख्या में आई यह कमी सीमा पर हालात सामान्य करने की दिशा में अगला सबसे बड़ा कदम है।

BRICS 2026: रूस के राष्ट्रपति और चीन के राष्ट्रपति खाएंगे यूपी का गलौटी कबाब और दिल्ली की दाल मखनी! देखें थाली में और क्या सजेगा?

स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव वार्ता और शीर्ष स्तर पर बढ़ी नजदीकी

सीमा विवाद के राजनीतिक समाधान के लिए स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव (SR) स्तर की ठप पड़ी वार्ताएं फिर शुरू की गईं। दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में इसके दो महत्वपूर्ण दौर संपन्न हुए। इसी दौरान तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा ने भी दोनों देशों के संबंधों में बर्फ पिघलाने का काम किया, जिससे कूटनीतिक बातचीत को नई गति मिली।

MpToday Editor MP Today के पास 27 years का journalism experience है। इस दौरान MP Today ने Madhya Pradesh की कई बड़ी media agencies और news organizations के साथ काम किया है और ground reporting से लेकर editorial analysis तक मजबूत पहचान बनाई है। MP Today की टीम ने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, विकास, crime और public interest news पर लगातार काम किया है। लंबे अनुभव और reliable sources की वजह से MP Today हमेशा accurate, fast और trustworthy news देने के लिए जाना जाता है।