भारत में फंसे 453 नेपाली नागरिकों की कहानी, जिसे सुनकर हर कोई है हैरान
भारत में नौकरी का सपना दिखाकर सैकड़ों नेपाली नागरिकों को ठगी के जाल में फंसाने वाले नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। प्रशासन ने शनिवार को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली बॉर्डर से 453 नेपाली नागरिकों को रेस्क्यू कर नेपाल प्रशासन के सुपुर्द किया।
Maharajganj: भारत नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर पर 453 नेपाली नागरिकों को भारतीय वाहनों से नेपाल प्रशासन को सुपुर्द किया गया। ये वह नेपाली नागरिक है जिन्हें नौकरी का प्रलोभन देकर भारत में नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े कामों मे लगाकर ठगी कराया जाता था। नेपाली दूतावास को इसकी जानकारी मिलने पर भारतीय प्रशासन के साथ मिलकर इनको बंधक मुक्त कराया गया और नेपाल पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया।
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डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास को एक सूचना मिली कि सैकड़ो की संख्या में नेपाली नागरिकों को कुशीनगर जिले में बंधक बनाया है जिनसे नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े ठगी का अवैध काम कराया जा रहा है। मामले को दूतावास ने गंभीरता से लेते हुए भारतीय अधिकारियों से संपर्क साधा और 453 नागरिकों को बंधक मुक्त कराया।
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— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) May 30, 2026
नौकरी का प्रलोभन देकर कराया गया ये काम
प्राथमिक जाँच में सभी नागरिकों में अधिकतर नेपाली युवक- युवती थे जिनसे नौकरी का प्रलोभन देकर पहले बुलाया गया फिर नेटवर्क ऑनलाइन ठगी जैसे काम में लगाया गया। प्रशासन ने सभी लोगों को बंधक मुक्त कराकर सरकारी बस से नेपाल के लिए रवाना किया।
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नौतनवा CO बसंत सिंह का बयान
नौतनवा CO बसंत सिंह ने बताया कि शनिवार को सोनौली बॉर्डर पर भारतीय वाहनों में पहुँचे 453 नेपाली नागरिकों को नेपाल प्रशासन को सुपुर्द किया गया है। मामला अन्यत्र जिले से जुड़ा है लेकिन सोनौली बॉर्डर पर पहुँच सुपुर्द किया गया।