स्लीमनाबाद टनल का लोकार्पण जल्द, 14 जिलों में बढ़ेंगी सिंचाई सुविधाएं, CM मोहन यादव ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश
गुरुवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की अध्यक्षता में जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने नर्मदा की अमृत धारा को सोन नदी से जोड़ने वाली स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन के लिए आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को सही समय पर
गुरुवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की अध्यक्षता में जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने नर्मदा की अमृत धारा को सोन नदी से जोड़ने वाली स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन के लिए आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को सही समय पर पूरा करने का निर्देश भी दिया है।
इस साल 14 जिलों में जिन सिंचाई परियोजनाओं के कार्य पूरे हो गए हैं, उनके लोकार्पण की तैयारी कर ली गई है। आगामी 6 माह में लगभग 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि करने वाली विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि कृषि कल्याण वर्ष में जिन सिंचाई परियोजनाओं के लोकार्पण होंगे, उनमें बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खण्डवा, खरगोन, आलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मण्डला जिलों की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में सिंहस्थ से जुड़ी तीन परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
केन-मंदाकिनी लिंक अन्तर्राज्यीय सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया
बैठक में जानकारी दी गई कि केन-मंदाकिनी लिंक अन्तर्राज्यीय सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इस परियोजना से 93 हजार 310 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास होगा और 15.8 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा सकेगा। परियोजना में 20 किलोमीटर लंबाई की टनल भी बनाई जाएगी। परियोजना की लागत 8400 करोड़ रुपए से अधिक होगी।
इस प्रोजेक्ट के तहत बुंदेलखण्ड क्षेत्र के दस जिलों में 8.11 लाख हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई के साथ 130 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन भी होगा। परियोजना में भू-अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के लिए विशेष पैकेज के तहत अवार्ड पारित कर 90 प्रतिशत भुगतान किया चुका है। बीना कॉम्प्लेक्स बहुउद्देश्य परियोजना में चकरपुर एवं मड़िया बांध का काम पूरा हो गया है। संशोधित पार्वती काली सिंध चम्बल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना में 13 जिलों के 6.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चतुर्थ बांध परियोजना (छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स) के कार्यों और अन्य परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की।
सिंहस्थ से जुड़ी परियोजनाओं के कार्यों में प्रगति
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ आयोजन के उद्देश्य से पूरी की जाने वाली परियोजनाओं के कार्यों की जानकारी भी ली। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82% कार्य पूर्ण हो गया है। कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना में 66% प्रगति हुई है। शिप्रा तट पर सिंहस्थ में करोड़ों लोगों द्वारा सुविधाजनक ढंग से पुण्य स्नान का लाभ लेने के दृष्टि से 29 किलोमीटर लंबाई में बनाए जा रहे घाटों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस कार्य में भी 60% प्रगति हुई है।
सिंचाई क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि
बैठक में बताया गया कि सिंचित रकबा निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में निर्मित और निर्माणाधीन परियोजनाओं से निकट भविष्य में मिलने वाले लाभ को जोड़ें तो प्रदेश में सिंचित क्षेत्र 95. 45 लाख हेक्टेयर हो जाएगा। इसके अलावा अन्य स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं को समाहित करें तो यह आंकड़ा 108 लाख हेक्टेयर होगा। कार्यों को तेजी से पूरा होने पर सिंचाई क्षेत्र का लगातार विस्तार देखने को मिल रहा है। पिछले ढाई सालों में लगभग 10 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि हुई है।
आज मंत्रालय में जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में सभी निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कृषक कल्याण वर्ष में अगली छमाही में 13 जिलों में 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाएं बढ़ाएं। इसके लिए बड़वानी,… pic.twitter.com/BjMsMm3ZKS
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 25, 2026