मध्यप्रदेश में जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अधिकारों के लिए कांग्रेस ने गठित की विशेष समिति, सिंगरौली सहित कई क्षेत्रों में करेगी जमीनी अध्ययन

मध्यप्रदेश में जल, जंगल, ज़मीन और आदिवासी अधिकारों के संरक्षण को लेकर कांग्रेस ने एक समिति का गठन किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने इस विशेष समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर सिंगरौली और आदिवासी बहुल इलाकों में जंगलों की

Jun 25, 2026 - 15:30
मध्यप्रदेश में जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अधिकारों के लिए कांग्रेस ने गठित की विशेष समिति, सिंगरौली सहित कई क्षेत्रों में करेगी जमीनी अध्ययन

मध्यप्रदेश में जल, जंगल, ज़मीन और आदिवासी अधिकारों के संरक्षण को लेकर कांग्रेस ने एक समिति का गठन किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने इस विशेष समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर सिंगरौली और आदिवासी बहुल इलाकों में जंगलों की कटाई, विस्थापन और आदिवासी समुदाय के अधिकारों से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करना है।

कांग्रेस ने कहा है कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में जल, जंगल और ज़मीन से जुड़े मुद्दे गंभीर होते जा रहे हैं। आदिवासी समुदायों के अधिकारों पर पड़ रहे प्रभाव और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए समिति प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी, स्थानीय लोगों से संवाद करेगी और जमीनी स्थिति का आकलन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।

जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अधिकारों के संरक्षण के लिए समिति का गठन

एमपी में जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अधिकारों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी के बीच कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए एक विशेष समिति का गठन किया है। यह निर्णय प्रदेश में वन क्षेत्रों की कटाई, आदिवासी समुदायों के कथित विस्थापन और उनके पारंपरिक अधिकारों पर हो रहे प्रभावों की जांच के उद्देश्य से लिया गया है। समिति मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी के निर्देश पर गठित की गई है। इसका मुख्य कार्य सिंगरौली सहित प्रदेश के विभिन्न आदिवासी एवं वन-आधारित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करना और जमीनी हकीकत की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करना होगा।

ये हैं समिति के सदस्य

कांग्रेस द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार इस समिति में उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल, अजय सिंह और विक्रांत भूरिया को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर आदिवासी समाज, पर्यावरणीय स्थिति और स्थानीय समुदायों की समस्याओं का अध्ययन करेगी। इसके साथ ही यह समिति शासन-प्रशासन से जुड़े मामलों और पुनर्वास नीतियों के प्रभावों की भी समीक्षा करेगी और उस आधार पर विस्तृत सुझाव और सिफारिशें तैयार करेगी। पार्टी का कहना है कि समिति के सुझावों के आधार पर आदिवासी समाज, पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के हितों की रक्षा के लिए आगे की रणनीति तय की जाएगी। कांग्रेस ने दोहराया कि वह आदिवासी वर्ग के साथ मजबूती से खड़ी है और जल, जंगल व ज़मीन की सुरक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।