समंदर में बढ़ा भारत का दम, नौसेना में शामिल हुए 3 अत्याधुनिक युद्धपोत
भारतीय नौसेना लगातार अपनी ताकत को मजबूत करती नजर आ रही है। अब तीन नए स्वदेशी जहाज सेना के बेड़े में शामिल किए जा चुके हैं। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तीन फ्रंट लाइन युद्धपोत सेना में शामिल हुए हैं। जानकारी के मुताबिक एडवांस्ड स्टेल्थ फ्रिगेट
भारतीय नौसेना लगातार अपनी ताकत को मजबूत करती नजर आ रही है। अब तीन नए स्वदेशी जहाज सेना के बेड़े में शामिल किए जा चुके हैं। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तीन फ्रंट लाइन युद्धपोत सेना में शामिल हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक एडवांस्ड स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस दूनागिरी, एंटी सबमरीन वाॅरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट आईएनएस अग्रे और सर्वेक्षण पोत आईएनएस संशोधक नौसेना में शामिल होना भारत के युद्ध पोत निर्माण क्षमता की आधुनिक तकनीक, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मिल रही प्रगति का प्रतीक है।
नौसेना की ताकत में हुआ इजाफा
इन तीनों युद्ध पोतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कमीशन किया। इस बारे में नौसेना प्रमुख ने कहा कि यह जहाज भारतीय नौसेना के क्षमताओं को बढ़ाने का काम करेंगे और देश के समुद्र हितों की रक्षा करने के प्रयासों को अधिक शक्तिशाली बनाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में 17 महीने पहले मुंबई में हुए पहले ट्राई कमीशनिंग के बाद कोलकाता में ये आयोजन किया गया है। यह इस बात का प्रमाण है कि युद्धपोत निर्माण क्षमता में भारत को नई गति प्राप्त हो रही है।
एडमिरल ने कहा कि गार्डन रीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियरिंग की समर्पित टीम, उद्योग भागीदारों और MSME को हार्दिक बधाई, जिनके सहयोग से ये ट्राई कमीशनिंग संभव हो सकी। उन्होंने तीनों जहाज के अधिकारियों चालक दल को बधाई देते हुए यह विश्वास जताया कि वह पूरे आत्मविश्वास, ऊर्जा और ईमानदारी के साथ उनका संचालन करेंगे और देश की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।
पीएम मोदी का आत्निर्भरता पर जोर
इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र की सैन्य ताकत को आत्मनिर्भर बनने की उसकी क्षमता से मापा जा सकता है। भारत अब एक खरीदार नहीं बल्कि उत्पादक और निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो देश निर्माता हैं और काफी हद तक आत्मनिर्भर हैं वह वैश्विक मंच पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
पीएम मोदी ने इस बारे में भी जानकारी दी की आने वाले वर्षों में पश्चिम बंगाल भारत की ब्लू इकॉनमी और समुद्री निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने के लिए तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तीन नए युद्ध पोत के शामिल होने से देश की परिचालन क्षमताओं में वृद्धि होगी। समुद्री क्षेत्र में जागरूकता बढ़ेगी और भू राजनीतिक खतरों के खिलाफ तटीय जल की सुरक्षा मजबूत होगी।
Today in Kolkata, INS Dunagiri, INS Sanshodhak and INS Agray were commissioned. They reflect India’s growing maritime capabilities, our commitment to safeguarding national interests across the seas and the remarkable strides being made towards self-reliance in defence… pic.twitter.com/hWyD7ePH2W
— Narendra Modi (@narendramodi) June 21, 2026