इंदौर में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, आज से 129 फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आगामी जनगणना 2027 की जमीनी तैयारियां शुरू हो गई हैं। जल्द ही जनगणनाकर्मी आपके दरवाजे पर जानकारी जुटाने के लिए दस्तक दे सकते हैं, लेकिन उससे पहले इस महाअभियान को सफल बनाने वाले प्रशिक्षकों को तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में, शहर के शासकीय होलकर साइंस

Mar 24, 2026 - 08:30
इंदौर में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, आज से 129 फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आगामी जनगणना 2027 की जमीनी तैयारियां शुरू हो गई हैं। जल्द ही जनगणनाकर्मी आपके दरवाजे पर जानकारी जुटाने के लिए दस्तक दे सकते हैं, लेकिन उससे पहले इस महाअभियान को सफल बनाने वाले प्रशिक्षकों को तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में, शहर के शासकीय होलकर साइंस कॉलेज में आज यानी 24 मार्च से फील्ड ट्रेनर्स के लिए तीन दिवसीय गहन प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ हुआ।

जिला प्रशासन का लक्ष्य इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को त्रुटिहीन तरीके से पूरा करना है, जिसके लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना के दौरान डेटा संग्रह पूरी सटीकता के साथ किया जाए।

दो चरणों में 129 ट्रेनर्स होंगे तैयार

अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहला चरण 24 मार्च से शुरू होकर 26 मार्च 2026 तक चलेगा। इस चरण में विशेष रूप से नगर निगम और बाह्यवृद्धि (आउटग्रोथ) क्षेत्रों के ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।

इसके बाद, दूसरा चरण 28 मार्च से 30 मार्च 2026 तक आयोजित होगा। यह चरण जिला स्तर के अन्य नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रशिक्षकों के लिए समर्पित होगा। कुल मिलाकर, इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा 129 फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा।

होलकर कॉलेज में विशेष व्यवस्थाएं

प्रशिक्षण की गुणवत्ता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। भंवरकुआं चौराहे के पास स्थित होलकर साइंस कॉलेज के कक्ष क्रमांक बी-101, बी-102 और बी-103 को इस कार्य के लिए आरक्षित किया गया है।

प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए प्रतिभागियों को छोटे-छोटे बैच में बांटा गया है। प्रत्येक दिन तीन बैच संचालित होंगे, जिसमें हर बैच में लगभग 28 प्रतिभागी शामिल होंगे। वहीं, जिला स्तरीय सत्रों के लिए 23-23 प्रतिभागियों के दो बैच बनाए गए हैं। अधिकारियों ने प्रशिक्षण स्थल पर टेबल-कुर्सी, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ-साथ पेयजल और साफ-सफाई जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह प्रशिक्षण जनगणना के राष्ट्रीय मिशन को जमीन पर प्रभावी ढंग से उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।