आज इंदौर के इन इलाकों में पानी की सप्लाई रहेगी प्रभावित, क्षमता से कम भर पाईं 19 टंकियां, पढ़ें खबर

इंदौर शहर के कई इलाकों में 28 जुलाई 2026 को पानी की सप्लाई सामान्य नहीं रहेगी। दरअसल नगर निगम ने जानकारी दी है कि मुख्य फीडर लाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण मरम्मत का काम करना पड़ा। इसके चलते शहर की 19 पानी की टंकियां पूरी तरह नहीं भर सकीं, जिससे कई क्षेत्रों में

Jul 28, 2026 - 09:30
आज इंदौर के इन इलाकों में पानी की सप्लाई रहेगी प्रभावित, क्षमता से कम भर पाईं 19 टंकियां, पढ़ें खबर

इंदौर शहर के कई इलाकों में 28 जुलाई 2026 को पानी की सप्लाई सामान्य नहीं रहेगी। दरअसल नगर निगम ने जानकारी दी है कि मुख्य फीडर लाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण मरम्मत का काम करना पड़ा। इसके चलते शहर की 19 पानी की टंकियां पूरी तरह नहीं भर सकीं, जिससे कई क्षेत्रों में कम दबाव से पानी मिलेगा।

दरअसल सोमवार शाम को नर्मदा परियोजना की 900 मिमी मुख्य फीडर लाइन के वाल्व में खराबी सामने आई। इस समस्या को ठीक करने के लिए पहले और दूसरे चरण के पंप कुछ समय के लिए बंद किए गए। इसी दौरान पंप हाउस-2 के एक अन्य वाल्व की भी मरम्मत की गई। देर रात तक तकनीकी काम पूरा कर पंप दोबारा शुरू कर दिए गए, लेकिन तय समय पर टंकियां पूरी क्षमता तक नहीं भर पाईं। इसी वजह से मंगलवार को कई इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित रहने की संभावना है। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक पानी की बर्बादी न करें और जरूरत के हिसाब से पानी का उपयोग करें।

किन-किन इलाकों में रहेगा पानी का असर?

वहीं नगर निगम के अनुसार अन्नपूर्णा, स्कीम-103, छत्रीबाग, राजमोहल्ला, द्रविड़ नगर, लोकमान्य नगर, महाराणा, नरवल, अगरबत्ती क्षेत्र, कुशवाह मोहल्ला, टिगरिया, बाणगंगा, सुभाष चौक, सदर बाजार, जिंसी हाट, मल्हाराश्रम, गांधी हॉल, भक्त प्रह्लाद नगर और एमओजी लाइन से जुड़े क्षेत्रों में पानी कम दबाव से पहुंचेगा। कुछ स्थानों पर सप्लाई का समय भी प्रभावित हो सकता है। निगम अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत का काम पूरा हो चुका है और अगले वितरण चक्र से व्यवस्था सामान्य करने की कोशिश की जाएगी। जिन इलाकों में पानी की जरूरत ज्यादा है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। नागरिकों से कहा गया है कि यदि किसी क्षेत्र में सप्लाई पूरी तरह प्रभावित होती है तो वे संबंधित जोन कार्यालय या निगम कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। तकनीकी टीम लगातार पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रही है ताकि आगे ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

इंदौर विकास परियोजनाओं की समीक्षा

दरअसल जलापूर्ति व्यवस्था के साथ-साथ सोमवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने नगर निगम की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा भी की। बैठक में स्मार्ट सिटी, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत 2.0, भवन अनुमति प्रक्रिया और डिजिटल प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम की प्रगति पर चर्चा हुई। ईडब्ल्यूएस मकानों के आवंटन को समग्र आईडी से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि एक व्यक्ति को एक से अधिक मकान आवंटित न हो सके। इसके अलावा 35 प्रमुख चौराहों पर पीपीपी मॉडल के तहत इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने की तैयारी की भी समीक्षा की गई। अमृत 2.0 के तहत सीवरेज लाइन और एसटीपी निर्माण कार्य में देरी पर अपर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई और संबंधित एजेंसी पर तत्काल पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि यदि तय समय में काम की रफ्तार नहीं बढ़ी तो एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों को सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी करने और शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।