2,000 से ऊपर UPI पेमेंट पर चार्ज की चर्चा को लेकर जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, बोले “जनता से वसूली की तैयारी”

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यूपीआई भुगतान पर चार्ज लगाए जाने की चर्चाओं को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अब डिजिटल पेमेंट करने वाली जनता पर भी आर्थिक बोझ डालने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार की योजना 2,000 से ज्यादा […]

Sep 15, 2026 - 13:30
2,000 से ऊपर UPI पेमेंट पर चार्ज की चर्चा को लेकर जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, बोले “जनता से वसूली की तैयारी”

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यूपीआई भुगतान पर चार्ज लगाए जाने की चर्चाओं को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अब डिजिटल पेमेंट करने वाली जनता पर भी आर्थिक बोझ डालने की तैयारी कर रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार की योजना 2,000 से ज्यादा के हर यूपीआई भुगतान पर 0.5 प्रतिशत चार्ज लगाने की है। उन्होंने इसे समझाते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति 5,000 का भुगतान करता है तो उसे 25 रुपए और 10,000 के भुगतान पर 50 रुपए अतिरिक्त देने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जब यूपीआई के जरिए भुगतान को बढ़ावा दिया गया तब इसे आसान और बिना अतिरिक्त शुल्क वाली व्यवस्था के तौर पर पेश किया गया था।

जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना

जीतू पटवारी ने सरकार कहा है कि पहले यूपीआई पेमेंट पूरी तरह फ्री था लेकिन अब यहां भी वसूली का खेल शुरू किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता की सरकार नहीं है,  ये चंद उद्योगपतियों की सरकार है। अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में जीतू पटवारी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों पर लगातार बोझ बढ़ा रही है।

अभी लागू नहीं हुआ है शुल्क

हालांकि, इस पूरे मामले में ये साफ करना जरूरी है कि अभी तक 2,000 से ज्यादा के हर यूपीआई भुगतान पर 0.5 प्रतिशत शुल्क लागू नहीं हुआ है। 14 सितंबर को केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में 2,000 तक के यूपीआई लेनदेन पर बैंक या भुगतान सेवा प्रदाताओं की ओर से शुल्क लगाने पर रोक स्पष्ट की गई है। वहीं, 2,000 से ज्यादा के लेनदेन के लिए शुल्क की संभावनाओं का रास्ता खुला है, लेकिन इसकी दर और पूरी व्यवस्था अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है।

यूपीआई पर शुल्क की चर्चा पिछले कुछ समय से चल रही है। इसका मुख्य कारण डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के साथ उससे जुड़े बुनियादी ढांचे और भुगतान प्रणाली की लागत है। अभी सामान्य बैंक खाते से किए जाने वाले यूपीआई भुगतान पर ग्राहक से कोई एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट नहीं लिया जाता। सरकार ने यूपीआई को बढ़ावा देने के लिए इस व्यवस्था को शुल्क-मुक्त बनाए रखने पर जोर दिया है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।