मोहन कैबिनेट बैठक के बड़े फैसले, मंत्रियों के स्वेच्छानुदान में बढ़ोतरी, इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार (11 मई 2026) को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। बैठक में प्रदेश के विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के लिए 29 हजार 540 करोड़
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार (11 मई 2026) को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। बैठक में प्रदेश के विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के लिए 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वृद्धजनों की पेंशन के लिए 6 हजार 116 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त चिकित्सा क्षेत्र के विस्तार के लिए बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा ने प्रदेश में सर्वाधिक गेहूं उपार्जन की उपलब्धि से मंत्रियों को अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि लगभग 10 लाख से अधिक किसानों से उपार्जन कर मध्यप्रदेश सभी प्रांतों से आगे है। अभी तक किसानों से 63 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। प्रदेश में 19 लाख से अधिक किसानों द्वारा पंजीयन करवाए गए। साथ ही 14.83 लाख किसानों ने स्लॉट बुक किए हैं। छोटे और मझौले किसानों को उपार्जन का पूरा लाभ मिल रहा है। प्रतिदिन औसतन चार लाख मी. गेहूं का उपार्जन हो रहा है।
मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को दी गई मंजूरी
बुदनी में MBBS, नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना के लिए 763.40 करोड़
- सीहोर के बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना के लिए 714.91 करोड़ रूपये के स्थान पर 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- स्वीकृति अनुसार बुदनी में 100 एमबीबीएस सीट प्रवेश क्षमता के नवीन चिकित्सा महाविद्यालय तथा 500 सीटर संबद्ध अस्पताल स्थापित किया जाएगा।
- नर्सिग पाठ्यक्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता के नर्सिंग महाविद्यालय और पैरामेडिकल पाठ्क्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता के पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना भी की जायेगी।
नीमच की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए राशि स्वीकृत
- नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय (ठिकरिया तालाब) सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए लागत राशि 163.95 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- इससे नीमच की नीमच तहसील के 22 ग्रामों की कुल 5,200 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि बढ़कर 25 हजार हुई
- राज्य मंत्रियों द्वारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की राशि में किसी एक प्रकरण के लिए वर्तमान में निर्धारित सीमा राशि 16,000 रुपये को बढ़ाकर 25,000 रुपये किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
लोक वित्त पोषित कार्यक्रम एवं परियोजनाएँ (वित्त विभाग)
- 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) के लिए कुल 15,598.27 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
- लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए 13,818.32 करोड़ रुपये।
- कोषालय स्थापना के नए कोषालयों के लिए 683.50 करोड़ रुपये।
- प्रशासनिक एवं आईटी कार्य के तहत लेखा प्रशिक्षण शालाओं, आंतरिक लेखा परीक्षण प्रकोष्ठ, विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण और सूचना प्रौद्योगिकी परियोजनाओं के लिए 1,096.45 करोड़ रुपये स्वीकृति किए गए।
शहरी एवं नगरीय मार्ग विकास (लोक निर्माण विभाग)
- शहरी सड़कों के कायाकल्प के लिए वर्ष 2026 से 2031 तक की अवधि के लिए कुल 6,900 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- सड़कों का सुदृढ़ीकरण के लिए मौजूदा सड़कों को मजबूत बनाने के लिए 4,800 करोड़ रुपये।
- नवनिर्माण एवं उन्नयन के लिए नए मार्गों के निर्माण और सुधार के लिए 2,100 करोड़ रुपये।
वृद्धजनों की पेंशन के लिए 6115.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति
- मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एन.एस.ए.पी.) अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6115.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
- इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना 15 अगस्त 1995 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।
- योजनान्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को उनकी पात्रतानुसार 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन राशि का भुगतान किया जाता है।
ये भी फैसले लिए गए
- उच्च न्यायालय, म.प्र. जबलपुर में गेट क्रमांक 4 और 5 के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग ब्लाक कम बार ऑफिस के निर्माण की लागत राशि 94 करोड़ 16 लाख रुपये की योजना के प्रस्ताव को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।
- मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन को स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये से कम लागत वाले डामरीकृत मार्गों के निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों के अनुबंधों में अब मूल्य समायोजन का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए एक विशिष्ट फॉर्मूला [V = Q(W_f – W_o)] निर्धारित किया गया है, जिससे डामर की बढ़ी हुई दरों का बोझ संविदाकारों पर नहीं पड़ेगा।
- इससे छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदारों को बड़ी राहत मिलेगी और कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो सकेंगे। वैश्विक स्तर पर डामर (बिटुमेन) की कीमतों में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए ठेकेदारों को मूल्य समायोजन का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
- मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत संचालित EPC (Engineering, Procurement, and Construction) और HAM (Hybrid Annuity Model) परियोजनाओं में ‘Schedule-G’ और ‘Schedule-H’ के तहत मूल्य समायोजन की गणना त्रैमासिक के स्थान पर भारत सरकार के MoRTH (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय) के नियमों के अनुसार मासिक आधार पर करने की स्वीकृति दी है। यह राहत 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि में क्रय किए गए बिटुमेन (डामर) के लिए लागू होगी।