MP Patwari Strike: 5 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों की बस्ताबंद हड़ताल शुरू, कैडर रिव्यू और प्रमोशन बना बड़ा मुद्दा

मध्यप्रदेश में वर्षों से लंबित मांगों को लेकर पटवारियों ने प्रदेशव्यापी बस्ताबंद हड़ताल शुरू कर दी है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर 3 अगस्त से शुरू हुई इस हड़ताल में प्रदेशभर के पटवारी शामिल हो रहे हैं। हड़ताल के पहले ही दिन राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की

Aug 5, 2026 - 10:30
MP Patwari Strike: 5 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों की बस्ताबंद हड़ताल शुरू, कैडर रिव्यू और प्रमोशन बना बड़ा मुद्दा

मध्यप्रदेश में वर्षों से लंबित मांगों को लेकर पटवारियों ने प्रदेशव्यापी बस्ताबंद हड़ताल शुरू कर दी है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर 3 अगस्त से शुरू हुई इस हड़ताल में प्रदेशभर के पटवारी शामिल हो रहे हैं। हड़ताल के पहले ही दिन राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनकी मांगों को मुख्यमंत्री के सामने गंभीरता से रखने का भरोसा दिया।

क्या हैं पटवारियों की प्रमुख मांगें

पटवारी संघ का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी मांग कैडर रिव्यू लागू करने, समयमान वेतनमान की विसंगतियां दूर करने और पदोन्नति व्यवस्था शुरू करने की है। संघ के मुताबिक यह मांग करीब 25 वर्षों से लंबित है। इसके अलावा जजेस प्रोटेक्शन एक्ट का संरक्षण, संघ पदाधिकारियों के स्थानांतरण निरस्त करना, विभिन्न योजनाओं का लंबित मानदेय भुगतान और नायब तहसीलदार भर्ती के लिए विभागीय परीक्षा जल्द कराने की भी मांग भी की गई है।

सरकार ने क्या कहा

संघ के अनुसार सरकार ने कुछ मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए हैं। प्रमुख सचिव राजस्व ने निर्देश दिए हैं कि बिना प्रारंभिक जांच के किसी पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं में काम करने वाले पटवारियों का लंबित मानदेय जल्द जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रमोशन को लेकर उठाए सवाल

प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि सरकार का रुख सकारात्मक है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण कैडर रिव्यू और समयमान वेतनमान का मुद्दा अब तक नहीं सुलझा है। उनका दावा है कि प्रदेश में राजस्व निरीक्षक के 1100 से अधिक पद खाली हैं, फिर भी आज तक किसी पटवारी का सीधे प्रमोशन नहीं हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रमोशन के पद नहीं हैं तो खाली पद किस आधार पर बताए जा रहे हैं। संघ का कहना है कि मांगों का समाधान नहीं होने के कारण मजबूरी में हड़ताल करनी पड़ रही है। सरकार यदि जल्द निर्णय लेती है तो किसानों को होने वाली परेशानी भी टल सकती है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।