MP लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह की पहल, खुद ई-अटेंडेंस लगाकर शिक्षकों को दिया संदेश
मध्यप्रदेश में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने सोमवार को खुद ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से ई-अटेंडेंस दर्ज कर शिक्षकों को व्यवस्था का पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के 3 लाख से
मध्यप्रदेश में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने सोमवार को खुद ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से ई-अटेंडेंस दर्ज कर शिक्षकों को व्यवस्था का पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के 3 लाख से अधिक शिक्षक और अतिथि शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं तो विभाग के अधिकारी भी इसी व्यवस्था का पालन करेंगे।
शिक्षा विभाग के आयुक्त ने सोमवार सुबह 9:33 बजे कार्यालय पहुंचकर ई-अटेंडेंस लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में रहने तक वे नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करेंगे। उनका कहना है कि अधिकारियों और शिक्षकों द्वारा इस व्यवस्था को अपनाने से स्कूलों और विभागीय कार्यालयों में उपस्थिति को लेकर पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ेगी।
आयुक्त अभिषेक सिंह ने लगाई ई-अटेंडेंस
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने सोमवार को खुद ई-अटेंडेंस लगाकर प्रदेश के शिक्षकों को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने सुबह 9:33 बजे अपने दफ्तर पहुंचकर ‘हमारे शिक्षक’ ऐप पर उपस्थिति दर्ज की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन लाख से अधिक शिक्षक रोज ई-अटेंडेंस लगा रहे हैं और अब वे स्वयं भी विभाग में रहते हुए नियमित रूप से रोजाना ई-अटेंडेंस लगाएंगे। उनकी हाजिरी भी शिक्षकों द्वारा ऐप पर देखी जा सकेगी।
अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए भी किया अनिवार्य
ई-अटेंडेंस की व्यवस्था पहले शिक्षकों के लिए लागू थी, लेकिन इस साल 1 जुलाई से स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए भी इसे अनिवार्य किया गया है। संयुक्त निर्देशों के तहत जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी समेत विभागीय अमले को भी ‘हमारे शिक्षक’ प्रणाली के जरिए प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करनी है। विभाग ने इससे पहले शिक्षकों की ई-अटेंडेंस को वेतन व्यवस्था से भी जोड़ दिया है। निर्देशों के अनुसार, जिस दिन शिक्षक की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होती उस दिन उसे अनुपस्थित माना जा सकता है और संबंधित दिन के वेतन भुगतान पर असर पड़ सकता है।
सर्वर पर लोड कम करने के लिए कैप्चा
ई-अटेंडेंस व्यवस्था में तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए ‘हमारे शिक्षक’ ऐप में बदलाव किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक समय में बड़ी संख्या में शिक्षकों के लॉगइन-लॉगआउट करने से सर्वर पर दबाव आया था। इसके बाद सर्वर की क्षमता बढ़ाने के साथ अटेंडेंस दर्ज करते समय कैप्चा आधारित जोड़-घटाव की प्रक्रिया जोड़ी गई है ताकि एक साथ आने वाले ट्रैफिक को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।
पंद्रह मिनट का ग्रेस पीरियड
विभाग की व्यवस्था में शिक्षकों के लिए 15 मिनट का ग्रेस पीरियड भी रखा गया है। निर्धारित समय के आसपास अटेंडेंस दर्ज करने की सुविधा दी गई है। यदि किसी शिक्षक को वास्तविक और उचित कारण से स्कूल पहुंचने में देरी होती है तो वह संबंधित प्राचार्य को सूचना दे सकता है। बारिश के मौसम को देखते हुए शिक्षकों के लिए मानवीय पहलू पर भी जोर दिया गया है। यदि किसी क्षेत्र में उफनती नदी, नाले या अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण स्कूल पहुंचना जोखिम भरा हो तो शिक्षक को जान जोखिम में डालकर विद्यालय पहुंचने की जरूरत नहीं होगी। ऐसी परिस्थिति में उचित माध्यम से दी गई सूचना को स्वीकार करने की बात कही गई है।