पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, पेपर लीक मामलों के लिए बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, दोषियों को मिलेगी जल्द सजा
देशभर में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जारी बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि पेपर लीक के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द और कड़ी सजा मिल सके। प्रधानमंत्री ने सोशल
देशभर में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जारी बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि पेपर लीक के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द और कड़ी सजा मिल सके। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों और अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
‘युवाओं का भविष्य सबसे बड़ी प्राथमिकता’
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा कि सरकार विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार फैसले ले रही है और फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि “युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
देशभर में उठ रहा है पेपर लीक का मुद्दा
जानकारी दे दें कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक तथा परीक्षा अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कई राज्यों में छात्रों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं। वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। हालांकि इसी बीच प्रधानमंत्री की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा को सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार पहले भी उठा चुकी है कदम
दरअसल सरकार पहले भी सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए कानून और प्रशासनिक उपायों की घोषणा कर चुकी है। अब प्रधानमंत्री की इस घोषणा के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज हो सकेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी।