PM मोदी के ऐलान पर MP में अमल की तैयारी, मोहन कैबिनेट का फैसला- युवाओं को मिलेगी फ्री ऑनलाइन कोचिंग, AI की भी ट्रेनिंग
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवाओं को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के ऐलान पर मध्य प्रदेश सरकार ने कदम बढ़ा दिया है। प्रदेश के युवाओं को अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी, वहीं AI स्किल से जोड़ने के लिए भी बड़े स्तर पर ट्रेनिंग शुरू
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवाओं को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के ऐलान पर मध्य प्रदेश सरकार ने कदम बढ़ा दिया है। प्रदेश के युवाओं को अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी, वहीं AI स्किल से जोड़ने के लिए भी बड़े स्तर पर ट्रेनिंग शुरू होगी। सरकार ने एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे लेकर फैसला लिया गया।
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री राकेश सिंह ने फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और नई पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करने को लेकर जो बात कही है, मध्य प्रदेश सरकार उसे प्रदेश में आगे बढ़ाएगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग
मोहन सरकार अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को फ्री ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराएगी। इसका फायदा उन युवाओं तक भी पहुंच सकेगा, जो आर्थिक या दूसरे कारणों से महंगी कोचिंग नहीं ले पाते अथवा तैयारी के लिए बड़े शहरों तक नहीं पहुंच सकते।
ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए युवाओं को घर बैठे तैयारी का मौका मिलेगा। हालांकि इसमें कौन-कौन सी प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल होंगी, कोचिंग कब से शुरू होगी और इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या होगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग
सरकार का दूसरा बड़ा फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर है। एक साल में प्रदेश के एक करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का मानना है कि आने वाला समय AI का है। ऐसे में मध्य प्रदेश के युवा इस तकनीक को समझें और इसका सकारात्मक इस्तेमाल करते हुए देश के दूसरे राज्यों के युवाओं के साथ आगे बढ़ सकें, इसी सोच के साथ ट्रेनिंग देने की तैयारी की गई है।
5 से 15 साल के बच्चों में तलाशेंगे खेल प्रतिभा
कैबिनेट में खेल प्रतिभाओं को कम उम्र में पहचानने को लेकर भी फैसला लिया गया। प्रदेश में 5 से 15 साल तक के बच्चों की खेल प्रतिभा की पहचान की जाएगी। इनमें से चयनित बच्चों को उनकी क्षमता के मुताबिक व्यवस्थित ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उन्हें आगे खेल के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकें।
सरकार का फोकस ऐसे बच्चों को शुरुआती उम्र में ही तलाशने पर है, जिनमें किसी खेल में आगे बढ़ने की क्षमता है। पहचान के बाद उन्हें सही प्रशिक्षण देकर भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा।
इस तरह मोहन सरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, नई तकनीक की ट्रेनिंग और कम उम्र में खेल प्रतिभाओं की पहचान, तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने की तैयारी की है।