PM मोदी के जन्मदिन पर VD शर्मा बोले- नए भारत के विश्वकर्मा हैं नरेंद्र मोदी, संकल्प और सेवा ने देश को दिया आत्मविश्वास का नया शिखर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा सांसद और राष्ट्रीय संयोजक प्रकोष्ठ संकुल विष्णुदत्त शर्मा ने उन्हें “नए भारत का विश्वकर्मा” बताया है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन और विश्वकर्मा जयंती के संयोग का जिक्र करते हुए VD शर्मा ने कहा कि नरेंद्र मोदी की संकल्प, साधना और सेवा से जुड़ी यात्रा ने देश को आत्मविश्वास का […]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा सांसद और राष्ट्रीय संयोजक प्रकोष्ठ संकुल विष्णुदत्त शर्मा ने उन्हें “नए भारत का विश्वकर्मा” बताया है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन और विश्वकर्मा जयंती के संयोग का जिक्र करते हुए VD शर्मा ने कहा कि नरेंद्र मोदी की संकल्प, साधना और सेवा से जुड़ी यात्रा ने देश को आत्मविश्वास का नया शिखर दिया है। उन्होंने गरीब कल्याण से लेकर अर्थव्यवस्था, वैश्विक कूटनीति, अंतरिक्ष और रक्षा तक अलग-अलग क्षेत्रों का जिक्र करते हुए मोदी सरकार के कामकाज को भारत की बदलती पहचान से जोड़ा है।
विश्वकर्मा जयंती और PM मोदी के जन्मदिन के संयोग का किया जिक्र
VD शर्मा ने अपने विशेष लेख की शुरुआत विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के संयोग से की है। उन्होंने लिखा कि 1950 में गुजरात के वडनगर में जन्मे नरेंद्र मोदी 75 वर्ष की आयु में भी उसी ऊर्जा और संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में जुटे हैं, जिस निष्ठा के साथ उन्होंने अपनी यात्रा शुरू की थी। शर्मा ने कर्म की सिद्धि को निरंतर प्रयास से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की जीवन यात्रा में यह विचार दिखाई देता है।
वैश्विक मंच पर भारत की बदलती भूमिका पर क्या बोले VD शर्मा?
VD शर्मा ने लेख में वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका का भी जिक्र किया है। उन्होंने BRICS और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत अब वैश्विक मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख रहा है। इसके साथ ही उन्होंने अलग-अलग देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों का उल्लेख करते हुए इन्हें भारतीय निर्यात, कामगारों और नए अवसरों से जोड़ा है।
जनधन, उज्ज्वला से आयुष्मान भारत तक गिनाए काम
अपने लेख में VD शर्मा ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों से जुड़ी योजनाओं को प्रमुखता से रखा है। उन्होंने जनधन योजना के जरिए बैंकिंग व्यवस्था से लोगों को जोड़ने, उज्ज्वला योजना से स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने, आयुष्मान भारत के जरिए इलाज में मदद, प्रधानमंत्री आवास योजना और किसान सम्मान निधि का जिक्र किया है।
उन्होंने DBT और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लाभार्थियों तक सीधे सहायता पहुंचाने की व्यवस्था को भी मोदी सरकार की उपलब्धियों में शामिल किया है। शर्मा का कहना है कि इन नीतियों के केंद्र में गरीबों का जीवन रहा है।
अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र को भी बताया बदलते भारत की पहचान
VD शर्मा ने तकनीकी आत्मनिर्भरता और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने ISRO के प्रक्षेपण कार्यक्रम, गगनयान और भविष्य के अंतरिक्ष कार्यक्रमों को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदमों से जोड़ा है।
रक्षा क्षेत्र को लेकर उन्होंने भारत-जापान के बीच रक्षा सहयोग और सैन्य अभ्यास का उल्लेख करते हुए इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका से जोड़ा।
‘विकास का फायदा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी’
लेख में VD शर्मा ने आर्थिक विकास को लेकर कहा कि इसकी सार्थकता तभी है, जब वह रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों में बदले। इसी तरह अंतरिक्ष तकनीक का लाभ कृषि, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन तक तथा व्यापार समझौतों का फायदा युवाओं और भारतीय उद्यमों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने लिखा कि वैश्विक मंच पर मिली प्रतिष्ठा भी तभी सार्थक होगी, जब उसका फायदा देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन तक पहुंचे।
वडनगर से ‘नए भारत के विश्वकर्मा’ तक
VD शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी के शुरुआती जीवन का उल्लेख करते हुए उनके परिश्रम, संकल्प और राष्ट्रसेवा को उनकी यात्रा का आधार बताया है। उन्होंने लिखा कि साधारण परिस्थितियों से असाधारण ऊंचाइयों तक पहुंची यह यात्रा बताती है कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ा जा सकता है।
लेख के अंत में शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “नए भारत का विश्वकर्मा” बताते हुए कहा कि उनके संकल्प, साधना और सेवा भाव ने राष्ट्र को आत्मविश्वास का नया शिखर दिया है। उन्होंने 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए मौजूदा दौर को वैश्विक कूटनीति, आर्थिक शक्ति और तकनीकी आत्मनिर्भरता के जरिए भारत की नई पहचान गढ़ने के प्रयासों से जोड़ा है।