राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यूरोप दौरा, 19 से 25 जुलाई तक तीन देशों की यात्रा, जानें पूरा कार्यक्रम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगामी यूरोप दौरा भारत की विदेश नीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सात दिनों की इस यात्रा के दौरान वह मोल्दोवा, उत्तरी मकदूनिया और रोमानिया के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगामी यूरोप दौरा भारत की विदेश नीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सात दिनों की इस यात्रा के दौरान वह मोल्दोवा, उत्तरी मकदूनिया और रोमानिया के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देना है। इसके साथ ही व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी खास जोर रहेगा।
तीन देशों में राष्ट्रपति का कार्यक्रम
20 जुलाई
राष्ट्रपति मुर्मू 20 जुलाई को मोल्दोवा पहुंचेंगी, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति माया संदू से होगी। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी। इसके अलावा वह संसद अध्यक्ष इगोर ग्रोसु से भी मुलाकात करेंगी, भारत-मोल्दोवा संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से संवाद करेंगी और बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगी।
21 और 22 जुलाई
इसके बाद 21 और 22 जुलाई को राष्ट्रपति उत्तरी मकदूनिया के दौरे पर रहेंगी। यहां राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। वह प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजन मिकोस्कोवस्की और संसद के शीर्ष नेतृत्व से भी मिलेंगी। राष्ट्रपति उत्तरी मकदूनिया की संसद को संबोधित करेंगी और भारत-उत्तरी मकदूनिया बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगी। दोनों देशों के बीच कृषि, दवा उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।
23 से 25 जुलाई
23 से 25 जुलाई के बीच राष्ट्रपति मुर्मू रोमानिया की यात्रा करेंगी। यहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति निकुसोर डैन से होगी। इसके अलावा भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित करने और वहां रह रहे भारतीय समुदाय से बातचीत का भी कार्यक्रम तय है। रोमानिया को भारत यूरोप में एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है।
भारत-यूरोप संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
राष्ट्रपति की इस यात्रा का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत और यूरोप के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति देना है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दौरे का मुख्य फोकस 3T यानी Trade, Technology और Tourism रहेगा। इसके साथ ही डिजिटल टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, हेल्थकेयर, शिक्षा, कृषि और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। राष्ट्रपति के साथ भारतीय उद्योग जगत का एक प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा, जिसमें स्वच्छ ऊर्जा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे।
रोमानिया इस समय भारत के लिए यूरोप का एक अहम ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक हब बनकर उभर रहा है। कॉन्स्टांटा बंदरगाह और ब्लैक सी कॉरिडोर भारत-यूरोप व्यापार को नई संभावनाएं दे रहे हैं। वर्तमान में रोमानिया में करीब 13 हजार भारतीय रहते हैं और लगभग 550 भारतीय कंपनियां वहां पंजीकृत हैं। भारत और रोमानिया के बीच वर्ष 2025 में करीब 1.3 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार दर्ज किया गया।