पंजाब में AAP को बड़ा झटका, सीएम भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह भाजपा में शामिल, सुनील जाखड़ ने दिलाई पार्टी की सदस्यता

पंजाब की राजनीति में सियासी उठापटक का दौर लगातार जारी है, जहां आए दिन नए समीकरण बनते और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में अब सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को एक बार फिर बड़ा सियासी झटका लगा है, जिससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो

May 11, 2026 - 18:30
पंजाब में AAP को बड़ा झटका, सीएम भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह भाजपा में शामिल, सुनील जाखड़ ने दिलाई पार्टी की सदस्यता

पंजाब की राजनीति में सियासी उठापटक का दौर लगातार जारी है, जहां आए दिन नए समीकरण बनते और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में अब सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को एक बार फिर बड़ा सियासी झटका लगा है, जिससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है, जिसने पंजाब की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।

इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम में ज्ञान सिंह मान को पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने विधिवत रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई। यह सदस्यता ग्रहण समारोह एक ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब में राजनीतिक गतिविधियां अपने चरम पर हैं और सभी दल आगामी चुनावों के मद्देनजर अपनी-अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं। ज्ञान सिंह मान का भाजपा में शामिल होना आम आदमी पार्टी और विशेषकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए वर्ष 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े एक सदस्य का विपक्षी दल में जाना न केवल पार्टी के भीतर असंतोष को उजागर करता है, बल्कि मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत छवि पर भी असर डाल सकता है।

हरियाणा सीएम भी रहे उपस्थि​त, ज्ञान सिंह मान का किया स्वागत

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ज्ञान सिंह मान का भाजपा में गर्मजोशी से स्वागत किया और इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अनुभवी और महत्वपूर्ण व्यक्तियों के पार्टी में आने से भाजपा पंजाब में और अधिक मजबूत होगी। सैनी ने कहा कि भाजपा पूरे देश में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है और पंजाब भी इससे अछूता नहीं रहेगा। ज्ञान सिंह मान, जो मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के चचेरे भाई हैं, के इस कदम से सियासी हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और राजनीतिक विश्लेषक इसके दूरगामी परिणामों का आकलन कर रहे हैं।

इस घटनाक्रम पर कांग्रेस का AAP पर तंज

वहीं, इस पूरे सियासी घटनाक्रम पर पंजाब कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी पर जमकर तंज कसा है, जिससे राज्य की राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। पंजाब कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर ज्ञान सिंह मान की तस्वीर साझा करते हुए आम आदमी पार्टी पर कटाक्ष किया है। उन्होंने लिखा, “आप डाउन विद 7 एमपीज एंड 1 चाचे दा मुंडा।” यह टिप्पणी पिछले महीने आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की घटना के संदर्भ में की गई थी, जिनमें से छह सांसदों को आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा भेजा था। यह सिलसिला लगातार जारी है, जहां एक के बाद एक कई नेता आम आदमी पार्टी छोड़कर अन्य दलों का रुख कर रहे हैं।

पंजाब में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रही भाजपा

ज्ञान सिंह मान का भाजपा में शामिल होना ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच भाजपा अपनी जड़ें मजबूत करने में जुटी है। पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस मौके पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रही है और ज्ञान सिंह मान जैसे नए साथी पार्टी को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। जाखड़ ने इस बात पर भी जोर दिया कि पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है और भाजपा एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में और भी कई महत्वपूर्ण हस्तियां भाजपा का दामन थामेंगी।

यह घटनाक्रम पंजाब में राजनीतिक दलों के बीच खींचतान के एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत दे रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के परिवार से जुड़े एक सदस्य के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से आम आदमी पार्टी के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस तरह के घटनाक्रम राज्य की राजनीति में दूरगामी परिणाम ला सकते हैं और आने वाले समय में नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकते हैं। पंजाब में सियासी हलचल का यह दौर अभी और तेज होने की संभावना है, जहां हर दल अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटा हुआ है और जनता के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहा है।