वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को मिली नौसेना प्रमुख पद की कमान, 31 मई से संभालेंगे कार्यभार

भारतीय नौसेना से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को देश का नया नौसेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। वो फिलहाल मुंबई में पश्चिमी नौसेना कमांडर का पद संभाल रहे हैं। 31 मई को वह नौसेना प्रमुख का कार्यभार ग्रहण करेंगे। जानकारी के मुताबिक अपना पदभार ग्रहण करने के

May 9, 2026 - 09:30
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को मिली नौसेना प्रमुख पद की कमान, 31 मई से संभालेंगे कार्यभार

भारतीय नौसेना से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को देश का नया नौसेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। वो फिलहाल मुंबई में पश्चिमी नौसेना कमांडर का पद संभाल रहे हैं। 31 मई को वह नौसेना प्रमुख का कार्यभार ग्रहण करेंगे।

जानकारी के मुताबिक अपना पदभार ग्रहण करने के बाद वह 31 दिसंबर 2028 तक इस पद पर बने रहेंगे। जुलाई 1987 में वाइस एडमिरल स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था। वो संचार और इलेक्ट्रोनिक युद्ध विशेषज्ञ के तौर पर पहचाने जाते हैं।

क्या करता है नौसेना प्रमुख

नौसेना प्रमुख के काम की बात करें तो इनका मुख्य काम भारतीय नौसेना की कमान संभालना, युद्ध या फिर शांति के समय नौसेना के परिचालन और आधुनिकरण पर ध्यान देना, समुद्री सीमाओं की रक्षा की देख करना होता है। समुद्री सुरक्षा पर सरकार को कोई भी सलाह देने वाले यह सर्वोच्च अधिकारी होते हैं। नौसैनिकों के बीच समन्वय स्थापित करना भी इनका काम है।

कौन हैं वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन

कृष्णा स्वामीनाथन ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला संयुक्त सेवा कमान एवं स्टाफ कॉलेज, कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर करंजा, श्रीवेनहैम यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य नौसेना युद्ध कॉलेज न्यूपोर्ट यूएसए से अपनी शिक्षा पूरी की है।

 

Report Credit: ANI

कैसा रहा करियर

वॉइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन में नेशनल डिफेंस एकेडमी शिक्षा प्राप्त की है। वह मुंबई विश्वविद्यालय से उच्च सैन्य और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में शिक्षा प्राप्त करने के साथ यूनाइटेड किंगडम अमेरिका से भी डिग्री प्राप्त करते हैं। अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में उनके पास एचडी की डिग्री भी है। अपने करियर के दौरान उन्होंने विमान वाहक पोर्ट आईएनएस विक्रमादित्य, मिसाइल कॉर्बेट आईएनएस कुलिश, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर INS मैसूर की कमान संभाली है। अपनी सेवा के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है। जब दक्षिणी नौसेना कमान में के स्टाफ ऑफिसर थी तब उन्होंने नौसेना के ट्रेनिंग सिस्टम को आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अब उनके प्रमुख बनने के बाद नौसेना के आधुनिकरण, समुद्री सुरक्षा का मजबूत ढांचा और स्वदेशी रक्षा तकनीक को मजबूत करने उम्मीद है।