“सुनना नहीं चाहती सरकार, हम इन्हें पागल कर देंगे..” रचनात्मक कांग्रेस अधिवेशन में बोले राहुल गांधी, जानें और क्या कहा

दिल्ली के लुटियंस जोन से लेकर देश के सुदूर कोनों तक जब हुक्मरानों के कान जनता की आवाज सुनने से कतराने लगें, तो फिर लोकतंत्र के मंचों से तीखे और सीधे हमलों का सिलसिला शुरू होना तय माना जाता है। रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां कांग्रेस

Aug 13, 2026 - 18:30
“सुनना नहीं चाहती सरकार, हम इन्हें पागल कर देंगे..” रचनात्मक कांग्रेस अधिवेशन में बोले राहुल गांधी, जानें और क्या कहा

दिल्ली के लुटियंस जोन से लेकर देश के सुदूर कोनों तक जब हुक्मरानों के कान जनता की आवाज सुनने से कतराने लगें, तो फिर लोकतंत्र के मंचों से तीखे और सीधे हमलों का सिलसिला शुरू होना तय माना जाता है। रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर करारे प्रहार किए। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि आज की सरकार लोगों की बात बिल्कुल भी सुनना नहीं चाहती है, और इसी जिद के खिलाफ उन्होंने ऐलान किया कि हम इन्हें पागल कर देंगे। राहुल गांधी ने जंतर-मंतर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के छात्र अपनी आवाज उठाना चाहते थे, लेकिन सरकार ने साफ कह दिया कि आप ऐसा नहीं कर सकते। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड की उस बलात्कार पीड़िता के परिवार का भी जिक्र किया, जिन्हें तमाम कोशिशों के बाद भी न्याय नहीं मिल सका।

सरकार के बड़े चेहरों पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रात को नहीं सोते हैं और इसके पीछे कई ऐसे कारण हैं जो अभी तक छुपे हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि खुद को तथाकथित चाणक्य और सरदार पटेल समझने वाले अमित शाह भाग खड़े हुए और संसद में पैर तक नहीं रख पाए। राहुल के मुताबिक, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे पहली बार वास्तविक भारत की अभिव्यक्ति का सामना कर रहे हैं। देश में फैले डर के माहौल पर बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाया कि आखिर डरने की बात ही क्या है। उन्होंने कहा कि अगर मैं आदेश देने वाले से ही डर जाऊंगा, तो अपनी अभिव्यक्ति कैसे दे पाऊंगा। आज देश में बहुत से लोग उन कायरों की फौज के सामने खुद भी कायरों की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि आप सिर्फ जोकरों के एक समूह से लड़ रहे हैं, तो फिर डरने की कोई बात ही नहीं रह जाती।

राहुल गांधी ने आरएसएस पर भी बोला हमला

इस मंच से राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों को भारत की वास्तविक समझ ही नहीं है। उन्हें तीन हजार साल पुराने भारत के बजाय आज के आधुनिक भारत को समझने की जरूरत है। भाषण के दौरान उन्होंने मंच पर मौजूद कुछ लोगों को आरएसएस को सैल्यूट करने का इशारा भी किया। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस का केवल इस्तेमाल किया गया है, और अगर कभी भी आरएसएस को दबाने की कोशिश की जाएगी, तो हम उसकी रक्षा करने के लिए पूरी तरह से तैयार खड़े हैं। प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने की आदत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने एक पुराना वाकया साझा किया। राहुल ने कहा कि पहले मुझे लगता था कि यह कोई बड़ी मार्केटिंग स्ट्रेटजी है, लेकिन जब मैं उनके साथ सिर्फ पांच मिनट के लिए एक कमरे में बैठा, तो मुझे असलियत समझ आ गई कि वे बहुत देर तक बोल ही नहीं सकते।

दिल की बात खुलकर बोलिए, अभिव्यक्ति से न डरें, बोले राहुल गांधी

अधिवेशन में मौजूद कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आपके दिल में जो कुछ भी है, उसे खुलकर बोलिए। अगर आप हिंदू हैं तो शिव के बारे में बात कीजिए और अगर आप मुस्लिम हैं तो अल्लाह के बारे में बोलिए। अगर कोई गलत भी बोलेगा, तो हम उसे प्यार से समझाएंगे कि भैया इसे ऐसे बोलिए। अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जब वे बारह साल के थे, तब अपनी दादी इंदिरा गांधी, बहन प्रियंका और मां सोनिया गांधी के साथ अमेरिका गए थे। उस समय इंदिरा जी देश की प्रधानमंत्री थीं और एक ऑफिशियल डिनर में मां और दादी गई थीं, जबकि बच्चे होने के कारण वे लोग खेल रहे थे। तब दादी ने मां से कहा था कि ये अमेरिकन आखिर हमें क्या समझते हैं, हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री वहां किसी से दोस्ती करने नहीं जाता बल्कि अपने देश के हितों की रक्षा करने जाता है।

वर्तमान विदेश नीति पर असंतोष व्यक्त करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर आज देश का नेतृत्व इंदिरा गांधी जैसा मजबूत होता, तो हमारे सामने एक बड़ा अवसर था। ईरान और अमेरिका दोनों हमारे दोस्त हैं, लेकिन हमारी निष्क्रियता के कारण पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ बन गया और हमारे प्रधानमंत्री केवल देखते रह गए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से यह सूचना मिलती है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन ने भारतीय सेना को अपनी ही जमीन पर पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है, और इस मुद्दे पर राजनाथ सिंह, अमित शाह और खुद प्रधानमंत्री की हवा निकल चुकी है।