संसद के मानसून सत्र में 4 महत्वपूर्ण बिल रोक पाने को कांग्रेस ने विपक्ष की बड़ी उपलब्धि कहा, दो बिल पारित होने पर जताया अफ़सोस, पढ़ें पूरी खबर
संसद का मानसून सत्र आज समाप्त हो गया, हालाँकि इसका अधिकांश समय शोर शराबे, हंगामे, बहिर्गमन में ही बीता इस दौरान 12 बिल पास हो गए जबकि FCRA सहित कई बिल अटक गए अब कांग्रेस चार महत्वपूर्ण पेश नहीं हो पाए जिसे विपक्ष अपमी बड़ी उपलब्धि बता रहा है, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा
संसद का मानसून सत्र आज समाप्त हो गया, हालाँकि इसका अधिकांश समय शोर शराबे, हंगामे, बहिर्गमन में ही बीता इस दौरान 12 बिल पास हो गए जबकि FCRA सहित कई बिल अटक गए अब कांग्रेस चार महत्वपूर्ण पेश नहीं हो पाए जिसे विपक्ष अपमी बड़ी उपलब्धि बता रहा है, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा ये विपक्षी एकता और एकजुटता का बड़ा उदाहरण है हालाँकि उन्होंने पारित हुए दो बिलों पर अफ़सोस जताया और कहा कि ये संविधान विरोधी हैं इन्हें सुप्रीम कोर्ट में कोई चुनौती जरुर देगा।
संसद का मानसून सत्र आज 13 अगस्त को समाप्त हो गया, इसी के साथ संसद के मकर द्वार पर सत्र की शुरुआत से चल रहा विपक्ष का हंगामा भी थम गया है, हालाँकि इस सत्र से देश को बहुत उम्मीदें थीं, जनता को उनके द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों से बहुत उम्मीदें थी कि कुछ अच्छे परिणाम सामने आएंगे, देश के मुद्दों पर चर्चा होगी फिर बिल पास होंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ, पूरे सत्र में कुल 12 बिल पास हुए जिसमें स एकेवल एक पर चर्चा हो सकी शेष शोरशराबे के बीच बिना चर्चा के ही पास हो गए जो अधिसूचना के बाद अब कानून बन जायेंगे
ये 4 बिल संसद में पेश नहीं हुए
हालाँकि इस दौरान चार बिल ऐसे भी हैं जिन्हें रोक पाने में विपक्ष कामयाब हो गया, विपक्ष ने एकजुट होकर विरोध करते हुए वन नेशन, वन इलेक्शन बिल , विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक , 130वां संविधान संशोधन विधेयक और FCRA बिल संसद में आने से रोक दिया, कांग्रेस महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश इसे कांग्रेस और पूरे विपक्ष की बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं
कांग्रेस ने थपथपाई खुद की पीठ
मीडिया से बात करते हुए जयराम रमेश ने कहा मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने एकता और एकजुट दिखाई। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चेंबर में लगातार 18 दिन फ्लोर लीडर्स की बैठक हुई, जिसमें रणनीति तय हुई। इसमें हमरी ये उपब्धि रही कि इस मानसून सत्र में ये 4 बिल नहीं आ पाए, उन्होंने कहा –
- वन नेशन, वन इलेक्शन बिल इस सत्र में आना था, जिस पर हमने कई सवाल उठाए थे और अब ये शीतकालीन सत्र तक टल गया है।
- विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक भी शीतकालीन सत्र तक टल गया है, जिसमें सभी विश्वविद्यालयों का केंद्रीकरण करने की बात थी और उसपर हमने कई आपत्तियां जताई थीं।
- 130वां संविधान संशोधन विधेयक भी मानसून सत्र में आने वाला था- जिसमें PM, CM, मंत्रियों की ऑटोमेटिक बर्खास्तगी होती, लेकिन वो भी टल गया।
- FCRA बिल भी इस सत्र में नहीं आया, हमने और सिविल सोसायटी ने इस बिल को लेकर सरकार पर काफी दबाव डाला था, जिसका नतीजा सभी ने देखा।
- कांग्रेस नेता ने कहा हमारी एक और बड़ी उपलब्धि ये है कि भाजपा ने दो तिहाई बहुमत के लिए बहुत कोशिश की, पार्टियों को भी तोड़ा लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो पाए और परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) पास नहीं हो पाया।
इन दो बिलों पर जताया अफ़सोस
सांसद जयराम रमेश ने कहा मानसून सत्र के दौरान दो ऐसे विधेयक बिना चर्चा के पारित हुए, जो संविधान के खिलाफ हैं और इसे कोई राज्य द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जरूर चैलेंज किया जाएगा। इसमें एक है खान और खनिज (संशोधन) विधेयक (Mines and Minerals (Amendment) Bill) और दूसरा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक
(National Co-operative Development Corporation (Amendment) Bill), ये दोनों खतरनाक केंद्रीकरण के विधेयक हैं। इनमें सभी राज्यों के संवैधानिक अधिकार छीने जा रहे हैं और केंद्र सरकार की भूमिका को और बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारी मांग थी ये विधेयक स्टैंडिंग कमेटी में भेजा जाए, लेकिन उसे नजरअंदाज किया गया। लेकिन हमारे दबाव के चलते सरकार को भारतीय सांख्यिकी संस्थान (संशोधन) विधेयक 2026 (Indian Statistical Institute (Amendment) Bill 2026) को स्टैंडिंग कमेटी में भेजना पड़ा, जिसकी हमें खुशी है।