राज्यसभा में NDA का बढ़ता दबदबा, 27 सीटों के चुनाव के बाद बदला सदन का गणित, दो-तिहाई बहुमत करीब पहुंचा भाजपा गठबंधन

देश की राजनीति में उच्च सदन यानी राज्यसभा का गणित लगातार बदल रहा है। हाल ही में संपन्न हुए 27 सीटों के चुनावों ने भाजपा के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को एक नई ताकत दी है, जिससे संविधान संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की राह आसान होती दिख रही है। इन चुनावों के

Jun 18, 2026 - 21:30
राज्यसभा में NDA का बढ़ता दबदबा, 27 सीटों के चुनाव के बाद बदला सदन का गणित, दो-तिहाई बहुमत करीब पहुंचा भाजपा गठबंधन

देश की राजनीति में उच्च सदन यानी राज्यसभा का गणित लगातार बदल रहा है। हाल ही में संपन्न हुए 27 सीटों के चुनावों ने भाजपा के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को एक नई ताकत दी है, जिससे संविधान संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की राह आसान होती दिख रही है। इन चुनावों के बाद उच्च सदन में समीकरण काफी हद तक भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पक्ष में झुकते नजर आ रहे हैं।

झारखंड के राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी की जीत ने NDA के आंकड़े को 153 तक पहुंचा दिया है। यह संख्या गठबंधन को उच्च सदन में और अधिक मजबूत स्थिति प्रदान करती है। वहीं, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के चार राज्यसभा सांसदों – सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बड़ाईक और कोयल मलिक के इस्तीफे के बाद चार और सीटें खाली हो गई हैं। इन सीटों पर होने वाले आगामी चुनावों के बाद NDA का आंकड़ा बढ़कर 157 तक पहुंचने की प्रबल संभावना है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में मौजूदा राजनीतिक समीकरण और संख्याबल भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं।

संविधान संशोधन के लिए राज्यसभा में 164 सांसदों का समर्थन जरूरी

यह जानना महत्वपूर्ण है कि संविधान संशोधन जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधानों के लिए NDA को राज्यसभा में 164 सांसदों के वोटों के समर्थन की आवश्यकता है। यह आंकड़ा उच्च सदन में दो-तिहाई बहुमत का जादुई आंकड़ा है, जिसे हासिल करने के बाद सरकार किसी भी बड़े संवैधानिक बदलाव को आसानी से अंजाम दे सकती है। पश्चिम बंगाल में संभावित चार राज्यसभा सीटें जीतने के बाद NDA 157 के आंकड़े तक पहुंच सकता है। इस स्थिति में, NDA दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से मात्र 7 सीटें कम रह जाएगा, जो कि एक बड़ा अंतर नहीं है और इसे विभिन्न राजनीतिक रणनीतियों के माध्यम से पाटा जा सकता है।

राज्यसभा में NDA सदस्यों का आंकड़ा

वर्तमान में, NDA के पास कुल 153 सांसदों का समर्थन है। इसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास 115 सीटें हैं, जबकि गठबंधन के अन्य प्रमुख सहयोगी दलों में तेलुगु देशम पार्टी (TDP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के पास 4-4 सीटें हैं। शिवसेना के 2 सांसद हैं, जबकि असम गण परिषद (AGP), राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM), पट्टाली मक्कल काची (PMK), रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A), जनसेना पार्टी (JSP), नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के पास 1-1 सीट है। इसके अतिरिक्त, 7 मनोनीत सदस्य और 3 निर्दलीय सांसद भी NDA को समर्थन दे रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश पीपुल्स लिबरल (UPPL) के 2 सदस्यों में से 1 और जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) का 1 सदस्य भी बाहरी समर्थन के रूप में NDA के साथ है, जिससे गठबंधन की ताकत और बढ़ जाती है।

वाईएसआर कांग्रेस के 4 सांसद NDA के लिए बन सकते हैं गेमचेंजर

इसके साथ ही, आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के 4 सांसदों का समर्थन NDA के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। जिस प्रकार परिसीमन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर YSRCP ने NDA का साथ दिया था, अगर भविष्य में भी ऐसा होता है तो NDA का आंकड़ा बढ़कर 161 तक पहुंच सकता है। यह संख्या दो-तिहाई बहुमत के जादुई आंकड़े 164 से मात्र 3 कम होगी। यानी, YSRCP का साथ मिलने के बाद भी NDA को दो-तिहाई बहुमत से अभी भी 3 सांसदों की कमी का सामना करना पड़ेगा।

विपक्षी गठबंधन INDIA अलायंस की राज्यसभा में स्थिति

दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन INDIA अलायंस के पास वर्तमान में 63 सांसद हैं। इसमें कांग्रेस के 30, तृणमूल कांग्रेस के 9, समाजवादी पार्टी के 4, सीपीआईएम के 3, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के 3, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के 3, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 3, सीपीआई के 2, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के 2, केरल कांग्रेस (M) के 1, एनसीपी-एसपी के 1 और शिवसेना (यूबीटी) के 1 सांसद शामिल हैं। इसके अलावा, एक निर्दलीय सांसद भी INDIA अलायंस के साथ है। इन दोनों प्रमुख गठबंधनों से अलग, 26 सांसद ऐसे हैं जो न तो NDA और न ही INDIA गठबंधन से संबंध रखते हैं। इनमें द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के 8, बीजू जनता दल (BJD) के 5, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के 4, आम आदमी पार्टी (AAP) के 3, भारत राष्ट्र समिति (BRS) के 3, बहुजन समाज पार्टी (BSP) के 1, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MNM) के 1 और देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (DMDK) के 1 सांसद शामिल हैं।

164 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए NDA के सामने कई विकल्प

ऐसे में, NDA के लिए 164 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के कई रास्ते खुले हैं। अगर भाजपा, INDIA अलायंस या अन्य पार्टियों के 3 और सांसदों को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए मना लेती है, तो संविधान संशोधन का बिल आसानी से पारित हो सकता है। इसके अलावा, राज्यसभा में किसी बिल पर वोटिंग के वक्त कुछ सांसदों का वॉकआउट करना भी सरकार के लिए दो-तिहाई बहुमत हासिल करने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है। यह स्थिति NDA को उच्च सदन में एक अभूतपूर्व ताकत प्रदान करेगी और सरकार को अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।