भारत-ब्रिटेन के बीच हुई ऐतिहासिक डील: 15 जुलाई से दारुबाजों की मौज, भारत में सस्ती हो जाएंगी स्कॉच व्हिस्की और गाड़ियां
भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता आगामी 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है। तीन साल की लंबी वार्ता के बाद हुए इस समझौते से दोनों देशों में व्यापार और निवेश बढ़ेगा। इसके प्रभावी होते ही भारत में ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की और कारें सस्ती होंगी, जबकि भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
New Delhi: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुआ बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अब अमल में आने जा रहा है। दोनों देशों ने घोषणा की है कि यह समझौता 15 जुलाई से प्रभावी होगा। इस कदम को भारत और ब्रिटेन के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जिससे व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
तीन वर्षों की बातचीत के बाद मिली मंजूरी
इस व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में तीन साल से अधिक समय लगा। जुलाई 2025 में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने इस पर हस्ताक्षर किए थे। यह प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान पूरी हुई थी। दोनों देशों के नेताओं ने इसे द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने वाला कदम बताया था।
व्यापार में होगी बड़ी बढ़ोतरी
ब्रिटिश सरकार का अनुमान है कि इस समझौते के लागू होने से भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आने वाले सालों में दोनों देशों के बीच व्यापार का आकार काफी बढ़ने की संभावना है। साथ ही ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को भी लंबा फायदे मिलने का अनुमान जताया गया है।
भारतीय बाजार में सस्ते होंगे कई ब्रिटिश उत्पाद
एफटीए के तहत भारत ने ब्रिटेन से आयात होने वाले अधिकांश उत्पादों पर सीमा शुल्क में कटौती या उसे समाप्त करने की सहमति दी है। इसका सबसे बड़ा असर स्कॉच व्हिस्की और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में देखने को मिलेगा। स्कॉच व्हिस्की पर लगने वाली ऊंची ड्यूटी में पहले ही चरण में बड़ी कमी आएगी, जबकि निर्धारित कोटे के तहत ब्रिटिश कारों और ऑटो पार्ट्स पर शुल्क भी काफी घटाया जाएगा।
इसके अलावा मेडिकल उपकरण, कॉस्मेटिक उत्पाद, एयरोस्पेस से जुड़ी सामग्री, वाइन और खाद्य उत्पादों पर भी शुल्क में राहत मिलेगी, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को फायदा हो सकता है।
भारतीय निर्यातकों के लिए खुलेंगे नए अवसर
समझौते के तहत ब्रिटेन भारत से आने वाले लगभग सभी उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त करेगा। इसका लाभ विशेष रूप से कपड़ा उद्योग, फुटवियर, आभूषण, प्रोसेस्ड फूड और विनिर्माण क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और विदेशी बाजार में उनकी पहुंच मजबूत होगी। साथ ही, अब भारत और ब्रिटेन के बीच कामकाज के लिए जाने वाले पेशेवरों को सामाजिक सुरक्षा योगदान से जुड़ी राहत अधिक समय तक मिलेगी।