झील पर दिखा जबरदस्त मुकाबला, भोपाल की NSS टीम बनी सेलिंग चैंपियन, गोवा दूसरे स्थान पर

भोपाल के बोट क्लब में छह दिनों तक चली राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप-2026 का रविवार को समापन होगा। अपर लेक की लहरों पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए सेलिंग खिलाड़ियों ने अपनी गति, संतुलन और तकनीक का दम दिखाया। प्रतियोगिता में 100 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने

Aug 16, 2026 - 12:30
झील पर दिखा जबरदस्त मुकाबला, भोपाल की NSS टीम बनी सेलिंग चैंपियन, गोवा दूसरे स्थान पर

भोपाल के बोट क्लब में छह दिनों तक चली राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप-2026 का रविवार को समापन होगा। अपर लेक की लहरों पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए सेलिंग खिलाड़ियों ने अपनी गति, संतुलन और तकनीक का दम दिखाया।

प्रतियोगिता में 100 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। अब रविवार को होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग शामिल होंगे।

राजा भोज नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप में NSS भोपाल का दबदबा

राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप-2026 में NSS भोपाल ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने अलग-अलग रेस में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता का विजेता खिताब अपने नाम किया।

NSS भोपाल की विजेता टीम में वायु चंद्रवंशी, माही वर्मा, तुलसी पटले, एकलव्य वायम, वंशिका शिकारवार, आर्यन पाटीदार, प्रार्थना मोई, अंकित सिसोदिया, समर पंचेश्वर और सिद्धि टंडन शामिल रहे।

टीम की इस सफलता के पीछे खिलाड़ियों की मेहनत के साथ प्रशिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। NSS भोपाल के मुख्य प्रशिक्षक जी.एल. यादव के साथ राम मिलन, नरेंद्र एस. राजपूत और अनिल शर्मा ने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया।

NYSC गोवा ने हासिल किया दूसरा स्थान

राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप में NYSC गोवा की टीम ने भी मजबूत प्रदर्शन किया और उपविजेता का स्थान हासिल किया। गोवा की टीम में शशांक जाधव, हृदय जोशी, मोह रिजवान, शिवम वाल्मीकि और हेमंत पपौला शामिल रहे। टीम ने अलग-अलग रेस में अच्छा प्रदर्शन करते हुए NSS भोपाल को कड़ी टक्कर दी।

सेलिंग प्रतियोगिताओं में छोटी-सी गलती भी खिलाड़ियों की स्थिति बदल सकती है। हवा की दिशा, पानी की लहर और नाव का संतुलन लगातार बदलता रहता है। ऐसे में खिलाड़ियों को हर पल सतर्क रहना पड़ता है। भोपाल में हुई इस प्रतियोगिता में भी खिलाड़ियों के बीच इसी तरह का मुकाबला देखने को मिला।

100 से ज्यादा खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप का आयोजन 11 से 16 अगस्त तक किया गया। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों से 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेलिंग खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

प्रतियोगिता में अलग-अलग वर्गों के खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। रेस के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग तय की जाएगी। इस कारण प्रतियोगिता केवल ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं थी, बल्कि खिलाड़ियों के भविष्य के लिए भी काफी महत्वपूर्ण रही।

अपर लेक की लहरों पर दिखा खिलाड़ियों का हुनर

भोपाल की पहचान उसकी झीलों से है और यही झीलें शहर को वाटर स्पोर्ट्स के लिए खास बनाती हैं। राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप के दौरान अपर लेक पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखने के लिए खेल प्रेमियों में भी उत्साह रहा।

सेलिंग में खिलाड़ी नाव को आगे बढ़ाने के लिए हवा की दिशा और गति को समझते हैं। इसके साथ उन्हें नाव को संतुलित रखना होता है। रेस के दौरान अगर नाव का संतुलन बिगड़ जाए या दिशा सही न रहे तो खिलाड़ी पीछे हो सकता है।

मुख्यमंत्री और खेल मंत्री करेंगे पुरस्कार वितरण

राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह रविवार को भोपाल के बोट क्लब में सुबह 11 बजे होगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग शामिल होंगे। प्रतियोगिता के अलग-अलग वर्गों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार और सम्मान दिया जाएगा।

NSS भोपाल के विजेता खिलाड़ियों और NYSC गोवा की उपविजेता टीम को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की राष्ट्रीय रैंकिंग भी उनके आगे के खेल करियर के लिए महत्वपूर्ण होगी।

भोपाल बन रहा वाटर स्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र

राजा भोज नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप के आयोजन से एक बार फिर भोपाल की वाटर स्पोर्ट्स क्षमता सामने आई है। शहर की प्राकृतिक झीलें सेलिंग के साथ कई दूसरे जल खेलों के लिए भी अनुकूल हैं।

मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना वर्ष 2007 में की गई थी। अकादमी में सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग और स्लालम जैसे खेलों के लिए प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं।

 

 

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।