इंदौर में जुटेंगे BRICS देशों के प्रतिनिधि, कृषि और खाद्य सुरक्षा पर होगा बड़ा विचार-विमर्श
इंदौर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। जी-20 और प्रवासी भारतीय सम्मेलन के सफल आयोजन के बाद अब शहर ब्रिक्स देशों की महत्वपूर्ण कृषि बैठक की मेजबानी करेगा। इस आयोजन में भारत सहित 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ और मंत्री शामिल होंगे। दुनिया की करीब
इंदौर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। जी-20 और प्रवासी भारतीय सम्मेलन के सफल आयोजन के बाद अब शहर ब्रिक्स देशों की महत्वपूर्ण कृषि बैठक की मेजबानी करेगा। इस आयोजन में भारत सहित 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ और मंत्री शामिल होंगे। दुनिया की करीब 42 प्रतिशत कृषि भूमि वाले देशों का यह समूह कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श करेगा।
सोमवार से विदेशी प्रतिनिधियों का इंदौर पहुंचना शुरू होगा। आयोजन के दौरान उन्हें शहर की सांस्कृतिक पहचान से भी परिचित कराया जाएगा। छप्पन दुकान, राजवाड़ा और ग्रामीण हाट-बाजार जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, खाद्य संकट और बढ़ती आबादी जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मंच पर लिए गए निर्णय आने वाले वर्षों में वैश्विक कृषि रणनीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
BRICS Agriculture Working Group Meeting में किन मुद्दों पर होगा फोकस?
9 जून से शुरू होने वाली कृषि कार्य समूह (AWG) की बैठक में कई तकनीकी और नीतिगत विषयों पर चर्चा होगी। खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन का खेती पर असर, कृषि अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और किसानों की आय बढ़ाने के उपाय प्रमुख एजेंडा रहेंगे।
बैठक में डिजिटल कृषि, प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और डेटा आधारित फसल प्रबंधन जैसे आधुनिक विषयों पर भी मंथन होगा। विशेषज्ञ यह समझने की कोशिश करेंगे कि नई तकनीकों का उपयोग करके कम संसाधनों में अधिक उत्पादन कैसे हासिल किया जा सकता है।
इसके अलावा बदलते मौसम, अनियमित बारिश और बढ़ते तापमान के बीच खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए सदस्य देशों के अनुभव साझा किए जाएंगे। कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी विशेष जोर रहेगा।
इंदौर में सुरक्षा और मेहमाननवाजी की खास तैयारी
ब्रिक्स सम्मेलन को देखते हुए इंदौर प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। एयरपोर्ट से लेकर होटल और कार्यक्रम स्थलों तक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। वीवीआईपी रूट्स पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, जबकि ड्रोन और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का भी उपयोग किया जाएगा।
अतिथियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष इंतजाम किया गया है। आयोजन स्थल पर डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस मौजूद रहेगी। साथ ही शहर के चुनिंदा अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
11 जून को मुख्यमंत्री द्वारा प्रतिनिधियों के सम्मान में रात्रि भोज आयोजित किया जाएगा। वहीं 12 जून को कृषि मंत्री स्तर की बैठक के बाद विदेशी मेहमानों को मांडू की ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन केवल कृषि सहयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत और ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक रिश्तों को भी मजबूत करेगा। इंदौर के लिए यह आयोजन वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करने का बड़ा अवसर माना जा रहा है।