असम में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई का बड़ा ऐलान, सरकार बनी तो महिलाओं को बिना शर्त मिलेगी आर्थिक मदद, सीएम पर लगाए गंभीर आरोप

असम में 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच, कांग्रेस नेता और सांसद गौरव गोगोई ने महिला मतदाताओं को साधने के लिए एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने वादा किया है कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो योग्य महिलाओं को हर महीने बिना किसी

Mar 23, 2026 - 08:30
असम में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई का बड़ा ऐलान, सरकार बनी तो महिलाओं को बिना शर्त मिलेगी आर्थिक मदद, सीएम पर लगाए गंभीर आरोप

असम में 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच, कांग्रेस नेता और सांसद गौरव गोगोई ने महिला मतदाताओं को साधने के लिए एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने वादा किया है कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो योग्य महिलाओं को हर महीने बिना किसी शर्त के आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।

गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर महिलाओं को किसी भी पार्टी का सदस्य बनने, झंडा उठाने या बैठकों में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।

बीजेपी पर शर्तें थोपने का आरोप

गोगोई ने दावा किया कि वर्तमान सरकार में महिलाओं को आर्थिक सहायता पाने के लिए कई राजनीतिक शर्तों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया, “मौजूदा बीजेपी सरकार में महिलाओं को आर्थिक मदद पाने के लिए बीजेपी की बैठकों में शामिल होना पड़ता है, पार्टी का झंडा उठाना पड़ता है और रजिस्टर में हस्ताक्षर करने पड़ते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि जो महिलाएं इन शर्तों को पूरा नहीं करतीं, उन्हें लाभार्थी सूची से बाहर कर दिया जाता है और उन्हें किसी भी प्रकार की सहायता नहीं मिलती। गोगोई ने इसे महिलाओं के अधिकारों का हनन बताया।

“हमारी सरकार बनने पर महिलाओं को किसी दल का सदस्य नहीं बनना होगा, न किसी पार्टी का झंडा उठाना होगा। योग्य महिलाओं को उनके अधिकार सीधे और पूरी तरह से बिना शर्त दिए जाएंगे।” — गौरव गोगोई, कांग्रेस नेता

‘असम में दो तरह की कांग्रेस है’

भाजपा पर हमला बोलते हुए गोगोई ने एक दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि असम में वास्तव में भाजपा का कोई अस्तित्व नहीं है, बल्कि यहां दो तरह की कांग्रेस है। उन्होंने कहा, “एक वो कांग्रेस है जो मेरे पिता तरुण गोगोई के सिद्धांतों पर चलती है और दूसरी वो जो मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बनी है।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में आगामी चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है। इस बार का मुकाबला केवल पार्टियों की ताकत पर ही नहीं, बल्कि गठबंधन की रणनीति और जनता के विश्वास पर भी निर्भर करेगा। खासकर महिला मतदाताओं का समर्थन किसी भी दल की जीत-हार में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। क्षेत्रीय दलों के साथ गठजोड़ की कवायद भी तेज हो गई है, जो चुनावी समीकरणों को और जटिल बना रही है।