ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को हाइजैक किया… कांग्रेस सांसद सिंघवी का CEC पर बड़ा हमला, राहुल बोले इंसाफ़ ज़रूर होगा

चुनावों में धांधली और वोट चोरी के लगातार आरोप लगा रही कांग्रेस SIR को लेकर पीएम मोदी और उनकी सरकार सहित चुनाव आयोग पर हमलवार है, ऐसे में इंडियन एक्सप्रेस अख़बार में छपी एक खबर ने कांग्रेस के आरोपों को मजबूती दी है, खबर सामने आने के बाद अब कांग्रेस ने करार प्रहार किया है […]

Sep 23, 2026 - 15:30
ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को हाइजैक किया… कांग्रेस सांसद सिंघवी का CEC पर बड़ा हमला, राहुल बोले इंसाफ़ ज़रूर होगा

चुनावों में धांधली और वोट चोरी के लगातार आरोप लगा रही कांग्रेस SIR को लेकर पीएम मोदी और उनकी सरकार सहित चुनाव आयोग पर हमलवार है, ऐसे में इंडियन एक्सप्रेस अख़बार में छपी एक खबर ने कांग्रेस के आरोपों को मजबूती दी है, खबर सामने आने के बाद अब कांग्रेस ने करार प्रहार किया है और CEC ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग को हाईजैक करने और अपने Colleagues को भी भ्रमित करने एक गंभीर आरोप लगाये हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू (Sukhbir Singh Sandhu) और विवेक जोशी (Vivek Joshi ) ने नए वोटरों को जोड़ने और नाम हटाने से लेकर जानकारी छिपाने पर सवाल उठाए हैं। दोनों चुनाव आयुक्त मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसले से नाराज हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों के बिना जानकारी दिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने फैसले लिए। अब कांग्रेस ने इस रिपोर्ट को आधार बनाकर मुख्य चुनाव आयुक्त पर बड़ा हमला किया है।

कांग्रेस सांसद , सुप्रीम कोर्ट एक वरिष्ठ वकील, AICC के Law विभाग के प्रमुख अभिषेक मनु सिंघवी ने इस विषय को लेकर मीडिया से बात की, उन्होंने अख़बार की खबर को एक साहसी पत्रकारिता बताया इसे शोध और विश्लेषण की पत्रकारिता  बताया, ये गोदी मीडिया के उन पक्षों एक लिए भी एक सबक है जिन्हें चौथे स्तम्भ का दर्जा दिया गया है और वे इसका निर्वहन कैसे करते हैं।

कांग्रेस सांसद सिंघवी ने कहा 1995 में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया था कि चुनाव आयोग एक बहुमत की संस्था है। टीएन  शेषन के समय पहले एक कानूनी प्रश्न उठा था कि क्या चुनाव आयोग में CEC सर्वोपरि हैं और EC बराबर का हक नहीं रखते? तब  इसका स्पष्ट उत्तर ये दिया गया था- सभी EC बराबर हैं। चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC), EC के ऊपर नहीं हैं। वो First among equals हैं।

CEC ज्ञानेश कुमार ने अपने EC को हाइजैक किया  

सिंघवी ने कहा ऐसे में आज के खुलासे से साफ होता है कि CEC ने सिर्फ देश को भ्रमित नहीं किया, उन्होंने देश के संवैधानिक मूल्यों पर हमला नहीं किया, उन्होंने चुनाव आयोग को हाईजैक कर अपने Colleagues को भी भ्रमित किया है। सिंघवी ने कहा CEC ज्ञानेश कुमार ने अपने EC को हाइजैक कर दिया, ये एक आन्तरिक बुलडोजर का उदाहरण है। सिंघवी ने इस सम्बन्ध में दिया गया सुप्रीम कोर्ट का वर्डिक्ट भी पढ़कर सुनाया।

सिंघवी ने बताया कितनी बार EC ने आपत्ति जताई 

कांग्रेस नेता ने कहा CEC ज्ञानेश कुमार जिन लोगों को ‘डमी’ मानते हैं, उन्होंने 10 महीनों में 14 बार लिखित विरोध और असहमति दर्ज कराई है। अगस्त 2026 में EC सुखबीर सिंह संधू ने फॉर्म 6 में बदलाव को ‘अनाधिकृत और गैरकानूनी’ बताया, इस बदलाव का विरोध EC विवेक जोशी ने भी किया था, इससे पहले मई 2026 में दोनों ECs ने आपत्ति दर्ज कराई थी कि हमारे EROs की पहुंच चुनाव आयोग के पोर्टल तक नहीं है फिर अगस्त 2026 में सुखबीर सिंह संधू ने लिखा कि पश्चिम बंगाल के ट्रिब्यूनल के सामने चुनाव आयोग की ओर से अपील करने की अनुमति किसने दी? सवाल है, ये कैसा हाईजैक है, ये कैसी तानाशाही है- क्या बाकी ECs डमी हैं?

कांग्रेस ने माँगा इस्तीफा, कहा CEC को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा SIR के फेस-1 और फेस-2 में 7.8 करोड़ वोटर डिलीट हो चुके थे। यानी पहले के Electoral Roll से कुल 13% लोग हटा दिए गए थे, अभी देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का फेस-3 चल रहा है, जिसमें कुल 36 करोड़ Voters में अब तक 6.18 करोड़ लोगों को हटा दिया गया, इसके साथ ही 5.43 करोड़ वोटर्स को संदिग्ध बता दिया गया है, उन्हें और दस्तावेज जमा करने का नोटिस दिया गया है, उन्होंने कहा चुनाव आयोग को लेकर जो खुलासे हुए हैं, उसके आधार पर CEC को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।

प्रियंका ने देश से गद्दारी बताया,राहुल बोले संविधान पर सीधा हमला

प्रियंका गांधी ने कहा राहुल गांधी लगातार EC के ज़रिए हो रहे भेदभाव और अन्याय का मुद्दा उठाते रहे हैं। उन्होंने कई मुद्दे उठाए हैं, और अब खुद चुनाव आयुक्तों ने इन चिंताओं को ज्ञानेश कुमार के ध्यान में लाया है। यह हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत गंभीर मामला है। अगर चुनाव ही नहीं होंगे, तो लोकतंत्र कहाँ रहेगा? और अगर चुनाव निष्पक्ष नहीं होते और उनमें किसी भी तरह की धांधली होती है, और चुनाव आयोग उसमें मदद करता है, और अगर चुनाव आयुक्त खुद न केवल इसके बारे में जानते हैं, बल्कि इसे होने भी देते हैं, तो यह लोकतंत्र पर बहुत ही गंभीर हमला है। यह देश के साथ गद्दारी है। यह देशद्रोह का काम है। इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और किसी निष्पक्ष संस्था से इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। राहुल गांधी ने X पर लिखा- वोट की चोरी भारत के लोगों के ख़िलाफ़ एक अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। इसे अंजाम देने वाले BJP, RSS और EC ने देशद्रोह का काम किया है। इंसाफ़ ज़रूर होगा।