दमोह में जनसुनवाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब ब्लॉक स्तर पर सुनी जाएंगी समस्याएं, लोगों को मिलेगा तुरंत समाधान
मध्य प्रदेश में प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की जाती है। राज्य के सभी कलेक्ट्रेट और अन्य शासकीय विभागों में जनसमस्याओं के निवारण के लिए यह व्यवस्था लागू है। हर जिले के लोग अपनी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के पास जाते हैं जहां जिलाधिकारी लोगों की समस्याएं को सुनकर उनका निराकरण करने के निर्देश देते
मध्य प्रदेश में प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की जाती है। राज्य के सभी कलेक्ट्रेट और अन्य शासकीय विभागों में जनसमस्याओं के निवारण के लिए यह व्यवस्था लागू है। हर जिले के लोग अपनी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के पास जाते हैं जहां जिलाधिकारी लोगों की समस्याएं को सुनकर उनका निराकरण करने के निर्देश देते हैं। लेकिन कई लोग ऐसे हैं जो कलेक्ट्रेट या जिले से ही 50 से 100 किलोमीटर दूर रहते हैं ऐसे लोगों को जिलाधिकारी के पास तक पहुंचना काफी कठिन हो जाता है।
इतना ही नहीं कई बार कुछ लोग तो ऐसे हैं कि दूर सफर का सोचकर अपनी समस्याओं को जिला मुख्यालय तक पहुंचाते ही नहीं है। इसके अलावा मौसम भी अलग अलग होता है जिससे लोग भी जिला मुख्यालय तक पहुंच नहीं पाते। ऐसे में दमोह में जिला प्रशासन और पुलिस ने जनसुनवाई को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है।
दमोह में जनसुनवाई में बड़ा बदलाव
बता दें कि दमोह में जनता की समस्याओं को कम करने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आदेश जारी करते हुए हर ब्लॉक मुख्यालय पर एसडीएम और जनपद सीईओ स्तर के अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि वे छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय आने के बजाय पहले ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों से संपर्क करें। यदि वहां समाधान नहीं होता है, तभी जिला मुख्यालय आएं। प्रशासन का मानना है कि इससे आम नागरिकों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और समय व खर्च दोनों की बचत होगी।
अब एसपी भी थानों में जाकर करेंगे जनसुनवाई
कलेक्टर की पहल पर काम करते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने भी सुनवाई में बदलाव कर दिया है। एसपी ने जनता तक सीधे संपर्क साधने के लिए एक नई व्यवस्था लागू कर दी है। एसपी का कहना है कि अब वे सुबह एक शिफ्ट में कार्यालय में रहेंगे जबकि दूसरी शिफ्ट में जिले के अलग-अलग थानों में जाकर वहां के लोगों की समस्याएं सुनेंगे।
इस पहल की शुरुआत 26 मई मंगलवार से हो रही है, जहां एसपी हटा थाने में बैठकर जनसुनवाई करेंगे। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि लोगों को न्याय और शिकायतों के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।
आम लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
जिला प्रशासन और पुलिस की इस संयुक्त पहल को आम आदमी के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान होने से लोगों को राहत मिलेगी और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।