ओंकारेश्वर के ‘स्टैच्यू ऑफ वननेस’ पर कमलनाथ के सवाल, भाजपा पर धार्मिक आस्था के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने धार्मिक आस्था को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया है। उन्होंने ओंकारेश्वर में बनी आदि गुरु शंकराचार्य की विशाल प्रतिमा के मुख्य स्तंभ में आई खामी को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि

Jul 9, 2026 - 14:30
ओंकारेश्वर के ‘स्टैच्यू ऑफ वननेस’ पर कमलनाथ के सवाल, भाजपा पर धार्मिक आस्था के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने धार्मिक आस्था को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया है। उन्होंने ओंकारेश्वर में बनी आदि गुरु शंकराचार्य की विशाल प्रतिमा के मुख्य स्तंभ में आई खामी को लेकर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस नेता ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि “भाजपा शासन में चाहे उज्जैन हो, अयोध्या हो या ओंकारेश्वर हर जगह धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार की कहानी दोहराई जा रही है। ओंकारेश्वर में 2300 करोड़ रुपये की ‘स्टैच्यू ऑफ वननेस’ (एकात्मधाम) परियोजना में बनी 108 फीट ऊंची प्रतिमा का मुख्य स्तंभ झुकने की रिपोर्ट सामने आई है। इसके निर्माण मानकों की अनदेखी की गई है।”

क्या है मामला

ओंकारेश्वर में नर्मदा तट पर स्थापित 108 फीट ऊंची आदि गुरु शंकराचार्य की ‘स्टैच्यू ऑफ वननेस’ (एकात्मधाम) परियोजना को लेकर हाल ही में तकनीकी खामियों को लेकर आरोप सामने आए हैं। परियोजना के तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर बिश्वजीत बनर्जी ने सीबीआई, मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और लोकायुक्त को शिकायत भेजकर कहा है कि लगभग 2300 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सुरक्षा और निर्माण संबंधी मानकों का पालन नहीं किया गया है।

शिकायत के अनुसार, जिस मुख्य पिलर पर पूरी प्रतिमा स्थापित है उसमें झुकाव पाया गया है और उसकी मजबूती निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। यह भी आरोप लगाया गया कि प्रतिमा को 140 से 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं को सहने योग्य बताया गया था, जबकि तकनीकी परीक्षण में इसकी क्षमता इससे कम पाई गई। शिकायत में यह भी कहा गया कि इन तकनीकी आपत्तियों को उठाने के बाद परियोजना से जुड़े तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर बिश्वजीत बनर्जी और प्रोजेक्ट डायरेक्टर कर्नल अनुपम गुप्ता को उनके पदों से हटा दिया गया। मामले की शिकायत विभिन्न जांच एजेंसियों को भेजी गई है।

कमलनाथ ने सरकार को घेरा

इस मुद्दे पर कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने धार्मिक आस्था को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया है। उन्होंने कहा है कि ओंकारेश्वर में लगभग 2300 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत बनाई गई आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा स्थल का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिमा को जितनी तेज हवाओं का सामना करने योग्य बताया गया था, वास्तविकता में उसकी क्षमता उतनी नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले उज्जैन के महाकाल लोक निर्माण में भी अनियमितताएं सामने आई थीं, जहां तेज हवा के दौरान सप्तऋषियों की प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं। कांग्रेस नेता ने कहा है कि देश के सामने यह स्पष्ट है कि चाहे उज्जैन हो, अयोध्या हो या ओंकारेश्वर, भाजपा सरकार में धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे हैं।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।