कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने पर ममता बनर्जी पर BJP का हमला, TMC नेता ने किया बचाव

पश्चिम बंगाल में हाल ही में राजनीति उस समय गरमा गई है। जब तृणमूल कांग्रेस की एक रैली के दौरान पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक व्यक्ति को थप्पड़ मार दिया। इस घटना की वीडियो सामने आई तो भाजपा ने ममता पर जमकर निशाना साधा। लेकिन अब उनकी पार्टी के लोगों उनका समर्थन करते दिखाई

Jul 9, 2026 - 15:30
कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने पर ममता बनर्जी पर BJP का हमला, TMC नेता ने किया बचाव

पश्चिम बंगाल में हाल ही में राजनीति उस समय गरमा गई है। जब तृणमूल कांग्रेस की एक रैली के दौरान पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक व्यक्ति को थप्पड़ मार दिया। इस घटना की वीडियो सामने आई तो भाजपा ने ममता पर जमकर निशाना साधा। लेकिन अब उनकी पार्टी के लोगों उनका समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं।

बीजेपी नेता केया घोष ने इस मामले को लेकर कहा कि ममता बनर्जी बहुत वरिष्ठ नेता है लेकिन ऐसा लगता है कि वह बहुत हताश है। सुवेंदु अधिकारी से लगातार हारने के बाद ऐसा हुआ है। उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। अब उनके समर्थक भी उन्हें छोड़कर चले गए हैं चाहे वह सांसद हो या विधायक। शायद वह अपनी हताशा और गुस्से पर काबू नहीं रख पा रही हैं।

टीएमसी नेता ने किया बचाव

ममता बनर्जी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिस पर टीएमसी नेता और सांसद सौगत रॉय उनका बचाव करते हुए दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि ममता अपनी पार्टी कार्यकर्ताओं के बहुत करीब है और उनके प्रति स्नेह दिखाती हैं और थप्पड़ भी मारती हैं। उन्होंने कहा कि ममता अपने कार्यकर्ताओं के साथ जो चाहे वह कर सकती हैं।

 

 

क्या है मामला

बता दें कि कालीघाट में टीएमसी की एक रैली का आयोजन किया गया था। इस दौरान जमकर अफरा तफरी मची और हंगामा मच गया। हंगामे के चलते कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ गई। टीएमसी सुप्रीमों उन्हें कार से अस्पताल भेजने की व्यवस्था कर रही थी और भीड़ से हटने को बोल रही थी। तभी गलती से उन्होंने एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दिया। ये रैली बारूईपुर में नाबालिक के साथ हुए दुश्कर्म और हत्या के विरोध में तृणमूल के छात्र और युवा विंग की ओर से आयोजित की गई थी।

 

आपस में भिड़े बीजेपी टीएमसी कार्यकर्ता

TMC की ओर से इस बात का आरोप लगाया गया है कि रैली के लिए कोलकाता हाई कोर्ट से अनुमति ली गई थी लेकिन भाजपा समर्थकों ने बीच में घुसकर हंगामा किया। देखते देखते स्थिति मारपीट में बदल गई। पुलिस और केंद्रीय बलों की मौजूदगी के बावजूद भी स्थिति को नियंत्रण में नहीं रखा जा सका। पार्टी के छात्र और युवा विंग के कार्यकर्ताओं के साथ बुरी तरह से मारपीट हुई।