‘अंधेरे कोनों में ही पनपता है कॉकरोच, डरने या घबराने वाली कोई बात नहीं’, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर कुमार विश्वास का तीखा वार

मशहूर कवि और लेखक कुमार विश्वास ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में कुछ ऐसा कह दिया है, जिसने देशभर में राजनीतिक चर्चाओं को एक नई धार दे दी है। दरअसल उनके शब्द सीधे निशाने पर लगे हैं, और अब हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर उनका इशारा किसकी ओर था। यह बयान सिर्फ

May 24, 2026 - 21:30
‘अंधेरे कोनों में ही पनपता है कॉकरोच, डरने या घबराने वाली कोई बात नहीं’, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर कुमार विश्वास का तीखा वार

मशहूर कवि और लेखक कुमार विश्वास ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में कुछ ऐसा कह दिया है, जिसने देशभर में राजनीतिक चर्चाओं को एक नई धार दे दी है। दरअसल उनके शब्द सीधे निशाने पर लगे हैं, और अब हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर उनका इशारा किसकी ओर था। यह बयान सिर्फ एक टिप्पणी नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने जनता के बीच भी गहरी उत्सुकता पैदा कर दी है।

दरअसल पिछले कुछ समय से जिस ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर चर्चाएं जारी थीं, उस पर ज्यादातर नेता खुलकर बोलने से बच रहे थे। लेकिन उत्तराखंड के दौरे पर पहुंचे सुप्रसिद्ध कवि और लेखक कुमार विश्वास ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी और अपने अंदाज में तीखा तंज कसा। देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए जो टिप्पणी की, उसने अब राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। आखिर किस पार्टी या समूह को उन्होंने इस उपमा से नवाजा, यह सवाल हर जुबान पर है।

जानिए कुमार विश्वास ने क्या कहा?

दरअसल कुमार विश्वास ने अपनी मां के बचपन के किस्से का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी मां उन्हें कॉकरोच के बारे में समझाया करती थीं। उन्होंने कहा कि मेरी मां कहती थीं कि कॉकरोच एक ऐसा जीव होता है जो घरों के अंधेरे कोनों में ही पनपता है। वह कभी अकेला नहीं रहता, बल्कि हमेशा झुंड में, एकसाथ रहता है। यह घर की अच्छी चीजों को खराब करता है, गंदगी में ही पैदा होता है और जहां भी जाता है, वहां केवल नुकसान ही पहुंचाता है। यह उपमा अपने आप में ही कई सवालों को जन्म देती है, और सुनने वालों के मन में भी तुरंत यह बात गई कि विश्वास का इशारा किस तरफ है। उनकी मां की यह शिक्षा आज राजनीतिक संदर्भ में एक गहरा अर्थ लिए हुए थी।

उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह घर में कॉकरोच से बचने के लिए लोग तमाम तरह की दवाइयों और स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं, ठीक उसी तरह जब देश में ‘कॉकरोच’ पैदा हो गए हैं, तो उन्हें खत्म करने के लिए ‘हिट’ जैसी दवा भी मौजूद है। यह बयान सुनने में जितना सरल था, उसके निहितार्थ उतने ही गहरे थे। श्रोताओं में बैठे लोगों ने इस बात पर खूब तालियां बजाईं, मानो वे भी इस ‘दवा’ की ज़रूरत महसूस कर रहे हों। यह टिप्पणी एक साधारण उपमा से कहीं बढ़कर थी, जो सीधे मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर चोट कर रही थी।

डरने या घबराने वाली कोई बात नहीं: कुमार विश्वास

अपने बयान में कुमार विश्वास ने जनता को यह भरोसा भी दिलाया कि इसमें डरने या घबराने वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘हिट’ अपना काम पूरी मुस्तैदी और बराबरी से कर रही है। उनके इस आश्वस्त करने वाले बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने एक बार फिर जमकर तालियां बजाईं, जो इस बात का संकेत था कि उनका संदेश लोगों तक सही तरीके से पहुंच रहा था और वे इससे पूरी तरह सहमत थे। यह एक ऐसा बयान था जिसने लोगों के मन में बैठे डर को कम करने का प्रयास किया।

कुमार विश्वास का यह बयान अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। हर प्लेटफार्म पर इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। कई लोग इसे मौजूदा राजनीतिक माहौल और परिस्थितियों से सीधे तौर पर जोड़कर देख रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे कुमार विश्वास की व्यंग्य और कटाक्ष की अद्भुत शैली का एक और बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं। हालांकि उन्होंने किसी विशिष्ट दल या व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में बहस को एक नया मोड़ दे दिया है, और हर कोई अपने-अपने तरीके से इसके मायने निकाल रहा है। यह बयान सिर्फ एक टिप्पणी नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी है।

इन दिनों कुमार विश्वास उत्तराखंड के दौरे पर हैं और विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। अपने प्रभावशाली भाषणों में वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते नजर आ रहे हैं। देहरादून में दिया गया उनका यह बयान भी अब उनके उत्तराखंड दौरे का एक महत्वपूर्ण और चर्चा का बड़ा विषय बन गया है, जो उनकी बातों के प्रभाव को दर्शाता है। उनकी हर बात पर जनता की गहरी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जो उनके विचारों के महत्व को रेखांकित करती है।