इंदौर: गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने की मांग, पीथमपुर से उज्जैन महाकाल धाम के लिए पदयात्रा पर निकला युवाओं का दल

गौ सेवा संपूर्ण मानव जगत की सबसे सरल और पुण्य प्रदान करने वाली सेवाओं में से एक है। गौ माता के प्रति हमारा प्यार और निष्ठा सदैव अन्य लोगों के लिए प्रेरक व अनुकरणीय होता है। आने वाली पीढ़ी हमारी इन गतिविधियों से जीव-जंतु और पशुओं के प्रति अपने दायित्व सही तरीके से निर्वाह कर

Jul 25, 2026 - 18:30
इंदौर: गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने की मांग, पीथमपुर से उज्जैन महाकाल धाम के लिए पदयात्रा पर निकला युवाओं का दल

गौ सेवा संपूर्ण मानव जगत की सबसे सरल और पुण्य प्रदान करने वाली सेवाओं में से एक है। गौ माता के प्रति हमारा प्यार और निष्ठा सदैव अन्य लोगों के लिए प्रेरक व अनुकरणीय होता है। आने वाली पीढ़ी हमारी इन गतिविधियों से जीव-जंतु और पशुओं के प्रति अपने दायित्व सही तरीके से निर्वाह कर सकती है। इसी आस्था और विश्वास के साथ गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से 51 युवा उज्जैन महाकाल धाम के लिए पदयात्रा पर रवाना हुए हैं। यह दल दो दिनों में लगभग 85 किलोमीटर की दूरी तय करेगा, जिसका लक्ष्य करोड़ों लोगों की भावना को सरकार तक पहुंचाना है।

यात्रा के शुभारंभ पर पीथमपुर का वातावरण भक्तिमय हो उठा। स्थानीय निवासियों और गौ-भक्तों ने हाथों में फूल लिए युवाओं का जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर युवाओं के संकल्प को सराहा गया। इस दौरान ‘जय गौ माता’ और ‘जय महाकाल’ के जयकारों से पूरा औद्योगिक क्षेत्र गूंज उठा, जिससे एक अद्भुत ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। यह दृश्य गौ माता के प्रति जनमानस की अगाध श्रद्धा को दर्शाता है और यह भी सिद्ध करता है कि गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देना करोड़ों लोगों की सामूहिक इच्छा है।

साधु-महात्माओं के आह्वान पर शुरू हुआ ‘गौ सम्मान अभियान’

‘गौ सम्मान अभियान’ के तहत आयोजित यह पदयात्रा देश भर के साधु-महात्माओं के आह्वान पर शुरू की गई है। यात्रा का नेतृत्व कर रहे चीतू ठाकुर और संयोजक जीतू ठाकुर ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गौ माता सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता का अभिन्न अंग हैं। उनकी रक्षा और सम्मान हमारा नैतिक दायित्व है। पीथमपुर के इन युवाओं ने एकजुट होकर इस पुनीत कार्य का बीड़ा उठाया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनेगा। यह अभियान गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज में जागरूकता लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

ठाकुर बंधुओं ने सरकार से पुरजोर अपील की है कि करोड़ों लोगों की आस्था का सम्मान करते हुए गौ माता को अविलंब ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि यह सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण है। गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिलने से गौवंश की रक्षा और संवर्धन को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। यह एक ऐसा कदम होगा जो देश की आत्मा और उसकी सनातन परंपराओं को मजबूती प्रदान करेगा।

गौ-रक्षा और गौ-सम्मान के लिए महाकाल के दरबार में पहुंचेगी अर्जी

पीथमपुर से शुरू हुई यह पदयात्रा विभिन्न ग्रामीण और शहरी मार्गों से होते हुए उज्जैन पहुंचेगी। इस दौरान पदयात्री गौ माता के सम्मान और संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाएंगे। यात्रा का समापन उज्जैन में भगवान महाकाल के पावन दर्शन के साथ होगा। महाकाल मंदिर में दल द्वारा गौ-रक्षा और गौ-सम्मान के लिए बाबा महाकाल के दरबार में एक विशेष अर्जी सौंपी जाएगी। यह अर्जी देश के प्रत्येक नागरिक की ओर से गौ माता के लिए न्याय और सम्मान की प्रार्थना होगी। महाकाल के आशीर्वाद से यह अभियान सफल हो, ऐसी कामना की गई है, ताकि गौ माता को उनका उचित स्थान प्राप्त हो सके।

पदयात्रा की शुरुआत के दौरान उमड़ी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि गौ माता के प्रति सम्मान की भावना कितनी गहरी है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ युवाओं पर फूल बरसाए, वह इस अभियान की सफलता का प्रतीक है। ‘जय गौ माता’ और ‘जय महाकाल’ के उद्घोष ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया था। यह जन समर्थन इस बात का प्रमाण है कि गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देना समय की मांग है और यह करोड़ों भारतीयों की सामूहिक इच्छा है, जिसके लिए यह युवा दल अपनी निष्ठा और संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।