Ukraine War: रूस के खिलाफ यूक्रेन को ब्रिटेन का बड़ा हथियार समर्थन, £100 मिलियन के एयर डिफेंस पैकेज का ऐलान
ब्रिटेन यह £100 मिलियन की राशि NATO की Ukraine Priority Requirements List (PURL) पहल में योगदान के रूप में देगा। इस फंड का इस्तेमाल यूक्रेन के एयर डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य यूक्रेन को रूस की ओर से होने वाले लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाने के लिए सुरक्षा कवच तैयार करना है।
नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच ब्रिटेन ने यूक्रेन की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ब्रिटिश सरकार ने यूक्रेन के लिए £100 मिलियन (करीब 135 मिलियन डॉलर) के नए विंटर एयर डिफेंस पैकेज की घोषणा की है।
इस पैकेज के तहत यूक्रेन को Patriot Missiles समेत अन्य आधुनिक हवाई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। ब्रिटेन का लक्ष्य है कि इन रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति सर्दियों से पहले पूरी कर दी जाए।
यूक्रेन की एयर डिफेंस क्षमता होगी मजबूत
ब्रिटेन यह £100 मिलियन की राशि NATO की Ukraine Priority Requirements List (PURL) पहल में योगदान के रूप में देगा। इस फंड का इस्तेमाल यूक्रेन के एयर डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
इसका उद्देश्य यूक्रेन को रूस की ओर से होने वाले लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाने के लिए सुरक्षा कवच तैयार करना है।
शहरों और ऊर्जा ठिकानों की सुरक्षा पर फोकस
ब्रिटेन के इस रक्षा पैकेज का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन के प्रमुख शहरों, आम नागरिकों और महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों को रूसी हमलों से सुरक्षित रखना है।
यूक्रेन लंबे समय से अपने सहयोगी देशों से सर्दियों के मौसम से पहले उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों की मांग कर रहा है, क्योंकि रूस के हवाई हमले ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाते रहे हैं।
बैठक में बनेगी रणनीति
ब्रिटेन के रक्षा सचिव वेस स्ट्रीटिंग (Wes Streeting) यूक्रेन डिफेंस कॉन्टैक्ट ग्रुप की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में नए सुरक्षा सहयोग को जमीन पर लागू करने की रणनीति पर चर्चा होगी।
कुछ महीनों में £600 मिलियन से ज्यादा मदद
ब्रिटेन ने यूक्रेन की रक्षा सहायता के लिए हाल के महीनों में £600 मिलियन से अधिक की एयर डिफेंस सहायता आवंटित की है।
नया पैकेज ऐसे समय में घोषित किया गया है जब यूक्रेन सर्दियों से पहले रूस के संभावित बड़े हवाई हमलों से निपटने के लिए अपने रक्षा सहयोगियों से अतिरिक्त मदद मांग रहा है।