प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरना और संपत्ति की जानकारी छिपाना पड़ा भारी, कांग्रेस की महिला पार्षद का चुनाव न्यायालय ने शून्य घोषित किया
क्या सम्पत्ति कर नहीं भरना किसी जन प्रतिनिधि के सियासी भविष्य पर ब्रेक लगा सकता है? सवाल सुनकर आप चौंक गए ना ..लेकिन ये सही है, इंदौर जिला अदालत ने इसी से जुड़े एक चुनाव याचिका की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता द्वारा उपलब्ध कराये गए साक्ष्यों के आधार पर इंदौर नगर निगम की महिला पार्षद
क्या सम्पत्ति कर नहीं भरना किसी जन प्रतिनिधि के सियासी भविष्य पर ब्रेक लगा सकता है? सवाल सुनकर आप चौंक गए ना ..लेकिन ये सही है, इंदौर जिला अदालत ने इसी से जुड़े एक चुनाव याचिका की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता द्वारा उपलब्ध कराये गए साक्ष्यों के आधार पर इंदौर नगर निगम की महिला पार्षद सुनहरा अंसाफ अंसारी का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है यानि उनकी पार्षदी चली गई है, न्यायालय के आदेश के बाद अब कांग्रेस नेत्री सुनहरा अंसाफ अंसारी वार्ड 60 की पार्षद नहीं हैं।
दरअसल वार्ड 60 से नगर निगम का चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय प्रत्याशी इफ्तिखार मुन्ना अंसारी ने कांग्रेस पार्टी की निर्वाचित पार्षद सुनहरा अंसाफ अंसारी के विरुद्ध जिला न्यायालय में एक चुनाव याचिका लगाई थी जो विचाराधीन थी जिसमें न्यायलय ने फैसला सुनाते हुए सुनहरा अंसाफ अंसारीका निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है, इसकी जानकारी अब जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी।
बकाया संपत्ति कर की जानकारी छिपाने के कारण निर्वाचन शून्य घोषित
इफ्तिखार मुन्ना अंसारी ने जानकारी देते हुए बताया जिस दिन सुनहरा अंसाफ अंसारी ने नगर निगम चुनाव में पार्षद पद के लिए नामांकन फॉर्म भर एव तभी से डिफ़ॉल्टर हैं उन्होंने नामांकन फॉर्म में अपनी संपत्तियों की जानकारी छिपाई, उनकी की संपत्तियों पर लंबे समय से संपत्ति बकाया है और जिनका जमा है उसमें भी जानकारी असत्य है जबकि नगर निगम अधिनियम ये कहता है कि यदि किसी भी प्रत्याशी का नगर निगम का कोई भी टैक्स बकाया है तो वो दावेदार नहीं बन सकता लेकिन भी इन्होंने गलत जानकारी देकर फॉर्म भर और जीत हासिल की।
महापौर ने कहा निर्वाचन शून्य घोषित, लेकिन वार्ड में विकास नहीं रुकेगा
महापौर पुष्य मित्र भार्गव ने न्यायालय के निर्णय की जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि वार्ड क्रमांक 60 की महिला पार्षद कांग्रेस नेत्री सुनहरा अंसाफ अंसारी के निर्वाचन को न्यायालय ने शून्य घोषित कर दिया है उनके खिलाफ चुनाव याचिका दायर की गई थी जिसमें न्यायालय ने पाया कि कांग्रेस प्रत्याशी ने झूठे असत्य आधार पर चुनाव लड़ा गया था, संपत्ति की गलत जानकारी नामांकन फॉर्म में दी इस्लिए उनका निर्वाचन निरस्त कर दिया गया है, उन्होंने कहा कि वार्ड 60 में अब न्यायालय के आदेश के बाद कोई पार्षद नहीं है लेकिन मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वहां विकास कार्य रुकने नहीं चाहिए जनता परेशान नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष बोले ये कोई बड़ा विषय नहीं, जल्दी मिल जायेगा स्टे
उधर इस मामले में कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे का कहना है कि मेरी जानकारी में भी ये बात आई है, पहले भी ऐसा ही एक प्रकरण आया था, ये कोई बड़ा विषय नहीं है, हो सकता है नामांकन फॉर्म में गलती से कोई जानकारी देना रह गई हो, हम इसके खिलाफ सोमवार को हाई कोर्ट में अपील करेंगे, उन्होंने मुझे बताया है कि उन्होंने फॉर्म में जो जानकारी भरी है वो पुख्ता है, मुझे उम्मीद है कि सोमवार या फिर मंगलवार को इस मामले में हाई कोर्ट से स्टे हो जायेगा।