एक जैसे नाम को देख रची साजिश, फाइनेंस कंपनी ने दूसरे खाते में ट्रांसफर की लोन की राशि, दो आरोपी पकड़े

इंदौर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी लोन निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, बड़ी बात यह है कि इसमें फाइनेंस कंपनी का मैनेजर , कस्टमर सर्विसेस रिप्रेजेंटेटिव के साथ मिलकर एक महिला आरोपी भी शामिल है । इंदौर शहर

Jun 4, 2026 - 17:30
एक जैसे नाम को देख रची साजिश, फाइनेंस कंपनी ने दूसरे खाते में ट्रांसफर की लोन की राशि, दो आरोपी पकड़े

इंदौर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी लोन निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, बड़ी बात यह है कि इसमें फाइनेंस कंपनी का मैनेजर , कस्टमर सर्विसेस रिप्रेजेंटेटिव के साथ मिलकर एक महिला आरोपी भी शामिल है ।

इंदौर शहर में बढती धोखाधड़ी की घटनाओं के बीच एक और ताजा मामला इंदौर क्राइम ब्रांच में सामने आया है,  फाइनेंस कंपनी ने एक जैसे दो खाताधारकों के नाम को देखते हुए साजिश रची और मैनेजर एवं उसके कर्मचारी ने लोन की राशि उसी  नाम वाले दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दी और लोन फॉर्म रिजेक्ट कर दिया, महिला ने जब फिर आवेदन किया तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ

क्राइम ब्रांच पहुंची  फरियादी अमरीन बैग ने पुलिस को बताया कि जुलाई 2025 में वह अपने पति शाहबुद्दीन के साथ वाशिंग मशीन फाइनेंस  करवाने एक दुकान पर गई थी। वहां कर्मचारी द्वारा ऑनलाइन लोन के लिए लॉग-इन करने पर लोन रिजेक्ट हो गया। तब आवेदिका को पता चला कि उसके नाम पर आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (केशरबाग रोड ब्रांच) में पहले से ही 40,000/- रुपये का एक लोन चल रहा है, जिसमें किस्तें न चुकाने के कारण उसका सिबिल स्कोर खराब हो चुका है और वह डिफाल्टर हो चुकी है।

जब आवेदिका और उसके पति ने फाइनेंस कंपनी की शाखा से संपर्क कर दस्तावेज निकलवाए, तो सामने आया कि लोन आवेदन में दस्तावेज तो आवेदिका व उसके पति के लगे थे, परंतु फोटो और बैंक खाता किसी अन्य महिला अमरीन खान का लगा हुआ था। यानि एक जैसा नाम होने के कारण कंपनी ने धोखा देकर राशि दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दी।

फाइनेंस कंपनी ने ऐसे किया फर्जीवाड़ा 

पुलिस जांच में सामने आया कि 28 दिसंबर 2023 को आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के तत्कालीन कस्टमर सर्विस रिप्रजेंटेटिव  राहुल कुमार पोरवाल ने आवेदिका से लोन प्रक्रिया के नाम पर दस्तावेज लिए थे। राहुल ने जानबूझकर आवेदिका के दस्तावेजों के दूसरी महिला अमरीन खान का फोटो और बैंक पासबुक ऑनलाइन एप्लिकेशन पर अपलोड कर दी। इसके बाद तत्कालीन ब्रांच मैनेजर दिलीप यादव ने इन फर्जी दस्तावेजों को बिना सत्यापन के चेक कर वेरिफाई कर दिया, जिससे 30 दिसंबर 2023 को 40,000/- रुपये का लोन स्वीकृत हो गया और राशि महिला अमरीन खान के खाते में ट्रांसफर हो गई।

दो आरोपी पकड़े, महिला को भी सह आरोपी बनाया 

पुलिस जाँच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने आपस में आपराधिक षड्यंत्र रचकर फर्जी दस्तावेजों से लोन राशि अपने अपने खातों में डलवा ली । पुलिस ने बताया कि आरोपी का और पीड़िता का एक ही नाम होने फायदा तीनों आरोपियों ने उठा कर पैसा अपने खातों में डलवा लिए। धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर दिलीप यादव और कस्टमर सर्विस रिप्रजेंटेटिव राहुल कुमार को हिरासत में ले लिया है और इनसे पूछताछ कर रही है, पुलिस ने इस मामले में महिला अमरीन खान को भी आरोपी बनाया है।