सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर सियासत तेज, उमंग सिंघार ने केंद्र सरकार को घेरा, बोले- खामियाजा भुगतना पड़ेगा
दिल्ली के जंतर-मंतर से पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद देश की राजधानी में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर बेहद तेज हो गया है। इस घटना ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है, जहां विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता
दिल्ली के जंतर-मंतर से पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद देश की राजधानी में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर बेहद तेज हो गया है। इस घटना ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है, जहां विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर केंद्र सरकार के इस कदम को लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।
उमंग सिंघार ने अपने बयान में सीधे तौर पर कहा कि केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाने के बजाय, पर्यावरण और शिक्षा के मुद्दों पर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे सोनम वांगचुक को उनके विरोध स्थल जंतर-मंतर से बलपूर्वक हटा दिया है। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार को इस संवेदनशील मामले में मानवीयता का परिचय देना चाहिए था, लेकिन उसने ऐसा करने के बजाय अपने दमनकारी रवैये को जारी रखा। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक शांतिपूर्ण आंदोलन को सिर्फ इसलिए कुचल दिया क्योंकि जनता का दबाव लगातार बढ़ रहा था और सरकार को जनता के बढ़ते आक्रोश का सामना करना पड़ रहा था। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के इस कृत्य को अत्यंत निंदनीय और अलोकतांत्रिक करार दिया है।
जनता सही समय पर इसका जवाब देगी: उमंग सिंघार
सिंघार ने केंद्र सरकार की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि तानाशाही सोच से जनता की भावनाओं को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता सही समय पर इसका जवाब देगी और सरकार को उसके गलत निर्णयों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि राहुल गांधी के मजबूत नेतृत्व में, कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष छात्रों के हित में अपना आंदोलन पूरी ताकत से जारी रखेगा। उन्होंने दोहराया कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
उमंग सिंघार ने धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग दोहराई
उमंग सिंघार ने अपनी मांग को पुरजोर तरीके से दोहराते हुए कहा है कि संसद का आने वाला सत्र शुरू होने से पहले ही धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से तुरंत हटाया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि जिस मंत्री के कार्यकाल में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हुआ हो, उसे अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह पूरी ताकत से उठाएगा। सोनम वांगचुक जैसे पर्यावरण कार्यकर्ता के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने की कार्रवाई को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार जनता की जायज आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत है। यह पूरा मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है, जिसमें सरकार और विपक्ष के बीच सीधा टकराव सामने आ गया है, जिससे देश के सियासी माहौल में गर्माहट बनी हुई है।
धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाने के बजाय, सरकार ने सोनम वांगचुक जी को उनके शांतिपूर्ण धरना स्थल से हटा दिया।
सरकार को इस संवेदनशील मामले में मानवीयता दिखाने की आवश्यकता थी, लेकिन अपनी दमनकारी कार्यशैली के अनुरूप उन्होंने एक शांतिपूर्ण आंदोलन को इसलिए कुचल दिया क्योंकि जनता… https://t.co/dLiRx5Hxzx
— Umang Singhar (@UmangSinghar) July 18, 2026