जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में भूकंप के तेज झटके किए गए महसूस, दहशत में लोग घरों से बाहर निकले

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आज गुरुवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। दरअसल सुबह-सुबह जमीन हिलने से घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। नेशनल सेंटर

Jun 25, 2026 - 10:30
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में भूकंप के तेज झटके किए गए महसूस, दहशत में लोग घरों से बाहर निकले

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आज गुरुवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। दरअसल सुबह-सुबह जमीन हिलने से घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, यह भूकंप गुरुवार, 25 जून को तड़के सुबह करीब 2:30 बजे आया, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.5 मापी गई।

दरअसल भूकंप का केंद्र पुलवामा क्षेत्र के पास 33.913° उत्तरी अक्षांश और 75.095° पूर्वी देशांतर पर था, और इसकी गहराई जमीन से लगभग 15 किलोमीटर नीचे थी। रात के समय आए इन झटकों ने कई लोगों की नींद खोल दी और वे डर के कारण अपने घरों से बाहर खुले स्थानों पर आ गए। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अभी तक किसी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली है।

दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए

पुलवामा ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी गुरुवार, 25 जून को भूकंप के झटके महसूस किए गए। एक तरफ जहां वेनेजुएला और जापान में आए तेज भूकंप से कुछ नुकसान हुआ है, वहीं भारत के भी कई इलाकों में भूकंप के झटके दर्ज किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने जानकारी दी कि जम्मू-कश्मीर के अलावा असम और मेघालय में भी अलग-अलग तीव्रता के भूकंप रिकॉर्ड किए गए हैं। इन सभी जगहों पर भी किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, जो राहत की बात है।

24 जून को भी आया तना भूकंप

एनसीएस के आंकड़ों के मुताबिक, 24 जून की रात असम के गोलपाड़ा जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। यह घटना रात 12:34 बजे हुई थी और इसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.7 मापी गई। इस भूकंप का केंद्र गोलपाड़ा क्षेत्र के पास था और इसकी गहराई जमीन से 12 किलोमीटर नीचे थी। असम में भी इस भूकंप से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ।

इसके अलावा, 24 जून को ही मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले में सुबह 8:08 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.9 रही, जो काफी कम थी। इसी वजह से ज्यादातर लोगों को ये झटके महसूस भी नहीं हुए और इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला।

भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील इलाके

विशेषज्ञों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत जैसे इलाके भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील माने जाते हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि इन क्षेत्रों में इंडियन टेक्टोनिक प्लेट लगातार उत्तर दिशा की ओर बढ़ रही है और यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है। इस लगातार टकराव के कारण समय-समय पर छोटे और मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। इंडियन टेक्टोनिक प्लेट की गति हर साल लगभग 50 मिलीमीटर (यानी 5 सेंटीमीटर) है। इस लगातार गति और यूरेशियन प्लेट से टकराव के कारण दोनों प्लेटों के बीच काफी दबाव बनता रहता है। जब यह दबाव एक तय सीमा से ज्यादा बढ़ जाता है, तो ऊर्जा भूकंप के रूप में बाहर निकलती है, जिससे जमीन में कंपन महसूस होता है। यही भूगर्भीय प्रक्रिया इन क्षेत्रों में बार-बार आने वाले भूकंपों की मुख्य वजह है।