पश्चिम बंगाल की फलता सीट पर खिला कमल, भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा की ऐतिहासिक जीत, मुख्यमंत्री ने जनता का जताया आभार
पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर इस बार भाजपा ने अपना कब्जा जमा लिया है। भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा ने यहाँ बंपर जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। यह जीत ऐसे समय आई है जब इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस का 2011 से लगातार दबदबा बना हुआ था। इस बार फलता की जनता
पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर इस बार भाजपा ने अपना कब्जा जमा लिया है। भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा ने यहाँ बंपर जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। यह जीत ऐसे समय आई है जब इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस का 2011 से लगातार दबदबा बना हुआ था। इस बार फलता की जनता ने भाजपा पर अपना विश्वास जताया और एक नए सियासी अध्याय की शुरुआत की है।
देवभूमि बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने एकतरफा मुकाबले में जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीपीआई(एम) के शंभु नाथ कुर्मी को एक बड़े अंतर से हराया। मतगणना के बाद सामने आए आंकड़ों के अनुसार, भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा को कुल 1 लाख 49 हजार 666 (1,49,666) वोट मिले हैं। वहीं, सीपीआई(एम) के शंभु नाथ कुर्मी को मतदाताओं से मात्र 40 हजार 645 (40,645) वोट ही मिल सके। इस प्रकार फलता सीट पर हार जीत का अंतर 1 लाख 9 हजार 21 (1,09,021) वोटों का रहा, जो भाजपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह भर गया है।
इस चुनावी रण में कई दिग्गज मैदान में थे, लेकिन फलता की जनता ने अपना स्पष्ट जनादेश भाजपा के पक्ष में दिया। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए परिणामों के अनुसार, कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें कुल 10 हजार 84 (10,084) वोट मिले। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान को मात्र 7 हजार 783 (7,783) वोट ही मिल पाए, जिसके साथ वह चौथे स्थान पर रहे। यह परिणाम तृणमूल कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह सीट उनके गढ़ के रूप में जानी जाती थी और इस बार वे चौथे पायदान पर सिमट गए।
फलता सीट पर भाजपा की रिकॉर्ड जीत
कुल 2.36 लाख मतदाताओं वाले इस महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा ने एक रिकॉर्ड जीत दर्ज की है। यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि फलता सीट पर तृणमूल कांग्रेस का 2011 से लगातार वर्चस्व था। पिछली बार, साल 2021 के विधानसभा चुनावों में, तृणमूल कांग्रेस ने लगभग 57 प्रतिशत मतों के साथ इस सीट पर अपनी जीत का परचम लहराया था। इस बार भाजपा ने उनके इस मजबूत किले को ध्वस्त कर दिया है और फलता में कमल खिलाया है। यह परिणाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए समीकरण का संकेत दे रहा है।
इस सीट पर चुनावी प्रक्रिया भी काफी चर्चा में रही। दरअसल, फलता सीट पर 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग ने मामले का संज्ञान लिया और नए सिरे से मतदान कराने का आदेश दिया था। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के बीच फलता विधानसभा के सभी 285 बूथों पर 21 मई को दोबारा से वोटिंग कराई गई थी। इस पुनर्मतदान के बाद ही आज यह परिणाम सामने आया है, जिसने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री ने फलता की जनता का जताया आभार
भाजपा की इस शानदार जीत के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फलता की जनता का आभार जताया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि फलता की जनता ने जो विश्वास भाजपा पर दिखाया है, उसका कर्ज विकास के जरिए चुकाया जाएगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार फलता क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और जनता के हर सपने को पूरा करने का प्रयास करेगी। उन्होंने इस जीत को जनता के विकास के संकल्प की जीत बताया है।