पाक को बेनकाब करेगा भारत: पाकिस्तान का डबल स्टैंडर्ड गेम नहीं चलेगा, FATF की बैठक में सबूत पेश कर ‘ग्रे लिस्ट’ में भेजने की तैयारी
अक्टूबर में होने वाली FATF की बैठक में भारत, पाकिस्तान के आतंकी कनेक्शन और ‘नापाक’ चेहरे को उजागर करने के लिए वीडियो फुटेज समेत कई पुख्ता सबूत पेश करेगा। भारत की योजना पाकिस्तान को दोबारा ‘ग्रे लिस्ट’ में शामिल कराने की है।
New Delhi: वैश्विक मंचों पर खुद को शांतिदूत और आतंकवाद का पीड़ित बताने वाले पाकिस्तान का डबल स्टैंडर्ड वाला गेम अब और नहीं चलने वाला है। पड़ोसी मुल्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने और उसके फेक नैरेटिव की पोल खोलने के लिए भारत ने एक बेहद सख्त और रणनीतिक योजना तैयार कर ली है।
इसी साल अक्टूबर महीने में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में भारत, पाकिस्तान की जमीन से संचालित हो रहे आतंकवाद और टेरर फंडिंग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उसे दोबारा ‘ग्रे लिस्ट’ में पहुंचाने की पूरी तैयारी कर चुका है।
ऑपरेशन सिंदूर के वीडियो फुटेज खोलेंगे पोल
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस आगामी अंतरराष्ट्रीय बैठक में भारत केवल जुबानी दावे नहीं करेगा, बल्कि वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों समेत वो तमाम पुख्ता सबूत दुनिया के सामने रखेगा, जिन्हें झुठलाना पाकिस्तान के लिए नामुमकिन होगा। इन सबूतों में सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारे गए आतंकवादियों के जनाजे से जुड़े वीडियो हैं।
सोशल मीडिया और खुफिया एजेंसियों के हाथ लगे इन वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि आतंकियों के जनाजों और आतंकी संगठनों की सभाओं में पाकिस्तानी सेना (Pak Army) और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के कई बड़े अधिकारी न सिर्फ शामिल हुए, बल्कि उन्हें समर्थन देते भी नजर आए।
2022 में मिली राहत पर फिरेगा पानी
गौरतलब है कि पाकिस्तान को अक्टूबर 2022 में FATF की ‘ग्रे लिस्ट’ से बाहर कर दिया गया था। उस समय पड़ोसी मुल्क ने वैश्विक निगरानी संस्था को यह लिखित भरोसा दिलाया था कि उसने आतंकवाद के खिलाफ 34 सूत्रीय एक्शन प्लान को पूरी तरह लागू कर दिया है, जिसमें टेरर फंडिंग पर रोक लगाना और आतंकी संगठनों की संपत्तियां जब्त करना शामिल था।
हालांकि, जमीन पर हालात बिल्कुल नहीं बदले हैं। भारत इसी बात को उजागर करने जा रहा है कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों में धूल झोंकी है और उसकी जमीन पर पल रहे आतंकी संगठन आज भी पहले की तरह ही सक्रिय हैं।
ग्रे लिस्ट में जाने से और कंगाल होगा पाकिस्तान
यदि भारत के दावों और ठोस सबूतों के आधार पर FATF पाकिस्तान को दोबारा अपनी ‘ग्रे लिस्ट’ में डाल देता है, तो पहले से ही आर्थिक बदहाली और भारी कर्ज से जूझ रहे इस मुल्क की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाएंगी। ग्रे लिस्ट में शामिल होने का सीधा मतलब यह होता है कि उस देश के वित्तीय सिस्टम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निगरानी और समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।
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इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), वर्ल्ड बैंक और अन्य वैश्विक संस्थाओं से मिलने वाले कर्ज व वित्तीय सहायता पर कड़ी शर्तें लग जाती हैं या वे रुक जाती हैं। कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान के लिए यह एक बहुत बड़ा आर्थिक और कूटनीतिक झटका साबित होगा।