आंध्र प्रदेश में बच्चों की मौत के बाद इंदौर प्रशासन अलर्ट, दूध डेयरियों पर छापेमारी कर पनीर-दूध के सैंपल जांच के लिए भेजे

आंध्र प्रदेश में कथित तौर पर जहरीले और मिलावटी दूध के सेवन से बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद इंदौर में जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को लेकर कोई भी जोखिम न उठाते हुए, कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर सोमवार को खाद्य विभाग की टीमों

Mar 23, 2026 - 21:30
आंध्र प्रदेश में बच्चों की मौत के बाद इंदौर प्रशासन अलर्ट, दूध डेयरियों पर छापेमारी कर पनीर-दूध के सैंपल जांच के लिए भेजे

आंध्र प्रदेश में कथित तौर पर जहरीले और मिलावटी दूध के सेवन से बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद इंदौर में जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को लेकर कोई भी जोखिम न उठाते हुए, कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर सोमवार को खाद्य विभाग की टीमों ने शहर भर की दूध डेयरियों पर एक बड़ा जांच अभियान चलाया।

इस अभियान के तहत अधिकारियों ने कई इलाकों में संचालित डेयरियों पर औचक निरीक्षण किया और छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया।

सैंपल लैब भेजे, रिपोर्ट का इंतजार

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने डेयरियों से दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों के सैंपल लिए। इन सभी सैंपलों को सील कर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही उत्पादों की गुणवत्ता का पता चल पाएगा। यदि किसी भी सैंपल में मिलावट या गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित डेयरी संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

“जिले में दूध डेयरी और दुग्ध उत्पादकों के खिलाफ लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।” — शिवम वर्मा, कलेक्टर, इंदौर

स्वच्छता और लाइसेंस की भी हुई जांच

सैंपलिंग की कार्रवाई के साथ-साथ, खाद्य विभाग की टीम ने डेयरियों में स्वच्छता के मानकों का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भंडारण की व्यवस्था और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि भविष्य में भी इसे जारी रखा जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाजार में उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री ही उपलब्ध हो।