21 पासबुक, 8 ATM और 20 चेकबुक… इंदौर में साइबर ठगी के शातिर आरोपी का खुलासा

इंदौर क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ललित उर्फ ऋषि सुतार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी देशभर में साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने आरोपी […]

Sep 13, 2026 - 15:30
21 पासबुक, 8 ATM और 20 चेकबुक… इंदौर में साइबर ठगी के शातिर आरोपी का खुलासा

इंदौर क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ललित उर्फ ऋषि सुतार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी देशभर में साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करता था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 21 बैंक पासबुक, 8 एटीएम कार्ड, 20 चेकबुक, 7 क्यूआर कोड और एक लैपटॉप बरामद किया है। जांच में सामने आया है कि इन बैंक खातों का इस्तेमाल देशभर में 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर धोखाधड़ी की रकम से जुड़े मामलों में हुआ है।

इंदौर में ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत साइबर ठगी पर बड़ा एक्शन

इंदौर क्राइम ब्रांच साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों और म्यूल अकाउंट्स के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने ललित उर्फ ऋषि सुतार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी साइबर अपराधियों के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करता था और इन खातों के जरिए ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता था।

जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों से उनके बैंक अकाउंट कुछ प्रतिशत कमीशन के बदले लेता था। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिली रकम को ट्रांसफर और इधर-उधर करने के लिए किया जाता था। ऐसे बैंक खाते म्यूल अकाउंट कहलाते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को छिपाने और आगे भेजने में किया जाता है।

50 से ज्यादा शिकायतों से जुड़े मिले बैंक खाते

क्राइम ब्रांच की जांच में आरोपी के कब्जे से मिले बैंक खातों का कनेक्शन देशभर की 50 से ज्यादा साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इन खातों के जरिए 3 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की रकम से जुड़े लेनदेन किए गए हैं।

आरोपी के पास से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस अब हर खाते की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह पता कर रही है कि कौन सा बैंक खाता किस व्यक्ति के नाम पर है और उसमें साइबर ठगी की कितनी रकम आई और आगे कहां भेजी गई। इस जांच से साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

21 पासबुक, 8 एटीएम और 20 चेकबुक बरामद

पुलिस ने आरोपी के पास से 21 बैंक पासबुक, 8 एटीएम कार्ड और 20 चेकबुक बरामद की हैं। इसके अलावा 7 क्यूआर कोड और एक लैपटॉप भी जब्त किया गया है। इतने बड़े पैमाने पर बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल उपकरण मिलने के बाद पुलिस इन सभी की जांच कर रही है।

लैपटॉप और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड से पुलिस को साइबर अपराधियों के साथ आरोपी के संपर्क और पैसों के लेनदेन से जुड़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है। बैंक खातों की जांच के जरिए यह भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम किन राज्यों और किन लोगों के खातों में भेजी गई।

कई राज्यों में फैला साइबर ठगी का नेटवर्क

पुलिस जांच में आरोपी के कनेक्शन महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब और बिहार समेत कई राज्यों से सामने आए हैं। इससे साफ है कि मामला सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार दूसरे राज्यों तक जुड़े हुए हैं।

 

शकील अंसारी, इंदौर