इंदौर में मॉडिफाइड साइलेंसर पर बड़ी कार्रवाई, 101 बुलेट साइलेंसर रोड रोलर से कुचले, पुलिस ने दिया सख्त संदेश

इंदौर पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर में जब्त किए गए 101 मॉडिफाइड साइलेंसर और 25 हैंड स्पीकर को रोड रोलर से कुचल दिया। दरअसल इस अनोखी कार्रवाई का उद्देश्य सिर्फ जब्ती नहीं, बल्कि लोगों को साफ संदेश देना था कि सड़क पर तेज और कानफोड़ू आवाज पैदा करने वाले

Aug 1, 2026 - 22:30
इंदौर में मॉडिफाइड साइलेंसर पर बड़ी कार्रवाई, 101 बुलेट साइलेंसर रोड रोलर से कुचले, पुलिस ने दिया सख्त संदेश

इंदौर पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर में जब्त किए गए 101 मॉडिफाइड साइलेंसर और 25 हैंड स्पीकर को रोड रोलर से कुचल दिया। दरअसल इस अनोखी कार्रवाई का उद्देश्य सिर्फ जब्ती नहीं, बल्कि लोगों को साफ संदेश देना था कि सड़क पर तेज और कानफोड़ू आवाज पैदा करने वाले वाहनों को अब बख्शा नहीं जाएगा।

दरअसल पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान पिछले कई महीनों से चल रहा था। लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि मॉडिफाइड साइलेंसरों की तेज आवाज से आम लोग, बुजुर्ग, छोटे बच्चे और मरीज परेशान हो रहे हैं। इसी के बाद विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की गई।

ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए क्यों जरूरी थी यह कार्रवाई?

वहीं बीते कुछ वर्षों में बुलेट और अन्य मोटरसाइकिलों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने का चलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे साइलेंसर सामान्य फैक्ट्री फिटेड साइलेंसर की तुलना में कई गुना अधिक तेज आवाज पैदा करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार तेज ध्वनि मानसिक तनाव, नींद की समस्या, बुजुर्गों में असहजता और मरीजों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है। यही वजह है कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना अनुमति वाहन में ऐसे बदलाव करना नियमों के खिलाफ माना जाता है। इंदौर पुलिस ने थाना कनाडिया क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे वाहनों की जांच की। अभियान के दौरान 101 मॉडिफाइड साइलेंसर और 25 हैंड स्पीकर जब्त किए गए। बाद में थाना परिसर में इन्हें रोड रोलर से नष्ट किया गया ताकि दोबारा इनका उपयोग न हो सके। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ दंड देने के लिए नहीं बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भी की गई है।

वाहन चालकों के लिए क्या हैं नियम?

दरअसल मोटर वाहन नियमों के अनुसार वाहन निर्माता कंपनी द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों में बिना अनुमति बदलाव करना अवैध माना जाता है। खासकर ऐसे साइलेंसर जो तय सीमा से अधिक शोर पैदा करते हैं, उनके खिलाफ चालान, जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि भविष्य में भी शहर के अलग-अलग इलाकों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे। सिर्फ मॉडिफाइड साइलेंसर ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति तेज आवाज में हैंड स्पीकर या अन्य ध्वनि उपकरणों का उपयोग करने वालों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में केवल अधिकृत और मानक साइलेंसर का ही इस्तेमाल करें। इससे न सिर्फ वे कानूनी कार्रवाई से बच सकेंगे बल्कि शहर में ध्वनि प्रदूषण कम करने में भी सहयोग मिलेगा।