इंदौर जू में जंगल का रोमांच होगा दोगुना, 14-D थिएटर में सीटें हिलेंगी और महसूस होगी बारिश

इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में अब सिर्फ शेर, बाघ और दूसरे वन्यजीवों को देखना ही अनुभव नहीं होगा। जू पहुंचने वाले लोगों को जल्द ही ऐसा एहसास भी मिलेगा, जैसे वे खुद जंगल के बीच पहुंच गए हों। इसके लिए जू परिसर में करीब 4 से 4.5 करोड़ रुपए की लागत से 14-D

Aug 16, 2026 - 10:30
इंदौर जू में जंगल का रोमांच होगा दोगुना, 14-D थिएटर में सीटें हिलेंगी और महसूस होगी बारिश

इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में अब सिर्फ शेर, बाघ और दूसरे वन्यजीवों को देखना ही अनुभव नहीं होगा। जू पहुंचने वाले लोगों को जल्द ही ऐसा एहसास भी मिलेगा, जैसे वे खुद जंगल के बीच पहुंच गए हों। इसके लिए जू परिसर में करीब 4 से 4.5 करोड़ रुपए की लागत से 14-D वर्चुअल जंगल सफारी और थिएटर तैयार किया गया है।

इस नए अनुभव में स्क्रीन पर जंगल दिखाई देगा, लेकिन रोमांच सिर्फ आंखों तक सीमित नहीं रहेगा। सीन के हिसाब से सीटें आगे-पीछे और ऊपर-नीचे मूव करेंगी। बारिश के दृश्य में पानी की बूंदें महसूस होंगी, चेहरे पर हवा के झोंके आएंगे और कोहरा, बुलबुले व कंपन जैसे इफेक्ट भी देखने को मिलेंगे। आम दर्शकों के लिए यह सुविधा 16 अगस्त से शुरू होने की जानकारी दी गई है।

इंदौर जू का 14-D थिएटर कैसे देगा जंगल जैसा अनुभव

14-D थिएटर को इस तरह तैयार किया गया है कि दर्शक केवल फिल्म या वीडियो देखने वाले न रहें, बल्कि उन्हें उस दृश्य का हिस्सा होने जैसा महसूस हो। इसके लिए थिएटर में कई तरह के इफेक्ट्स को स्क्रीन पर चल रहे दृश्यों के साथ जोड़ा गया है।

शुरुआत थिएटर के बाहर से ही हो जाएगी। दर्शक जू परिसर में बनाए गए बड़े गोरिल्ला के मुंह से अंदर जाएंगे। टिकट लेने के बाद आगे बढ़ने पर कम रोशनी वाला नियोन लाइटिंग वाला जंगल जैसा माहौल तैयार किया गया है। दीवारों पर बड़े पेड़, जंगल और वन्यजीवों से जुड़े दृश्य दिखाई देंगे।

बारिश, हवा और कोहरे का भी होगा एहसास

इस 14-D वर्चुअल जंगल सफारी की सबसे खास बात इसके इफेक्ट्स हैं। प्रोजेक्ट में कुल 14 तरह के इफेक्ट्स शामिल किए गए हैं। इनका इस्तेमाल स्क्रीन पर दिखाए जा रहे दृश्यों के हिसाब से किया जाएगा।

मान लीजिए स्क्रीन पर जंगल में बारिश शुरू होती है। ऐसे में सिर्फ बारिश का दृश्य दिखाई नहीं देगा, बल्कि दर्शकों को पानी की बूंदों का एहसास भी कराया जाएगा। इसी तरह जंगल में तेज हवा चलने का दृश्य होने पर चेहरे पर हवा के झोंके महसूस होंगे।

पहाड़ पर चढ़ेगी गाड़ी तो सीट ऊपर जाएगी

जू प्रबंधन के अनुसार, थिएटर की सीटों की मूवमेंट स्क्रीन पर चल रहे दृश्यों से जुड़ी होगी। इसे आसान भाषा में समझें तो दर्शक स्क्रीन पर जो देखेंगे, उसका असर सीट पर भी महसूस करेंगे।

अगर स्क्रीन पर गाड़ी पहाड़ से नीचे उतरती दिखाई देगी, तो सीट नीचे की तरफ जाएगी। वहीं गाड़ी के पहाड़ पर चढ़ने वाले दृश्य में सीट ऊपर उठेगी। इसी तरह आगे बढ़ने, पीछे जाने या रास्ते में आने वाली हलचल के हिसाब से सीटों में मूवमेंट हो सकती है।

ग्लो गार्डन में कदम रखते ही बदलेगा माहौल

14-D थिएटर से पहले दर्शकों को ग्लो गार्डन का अनुभव भी मिलेगा। यहां सामान्य रोशनी के बजाय खास तरह की लाइटिंग का इस्तेमाल किया गया है, जिससे रास्ता जंगल जैसा दिखाई देगा।

अंदर घास जैसे फर्श और आसपास पेड़-पौधों और जानवरों की आकृतियां बनाई गई हैं। जैसे-जैसे दर्शक आगे बढ़ेंगे, रोशनी और सजावट के कारण उन्हें जंगल के बीच चलने जैसा माहौल मिलेगा।

भूल-भुलैया में रास्ता खोजेंगे दर्शक

ग्लो गार्डन के बाद दर्शक भूल-भुलैया वाले हिस्से में पहुंचेंगे। यहां कई रास्ते बनाए गए हैं और बीच-बीच में जंगल के जानवरों की आवाजें रोमांच बढ़ाएंगी। इस हिस्से में दर्शकों को सही रास्ता खोजकर आगे बढ़ना होगा। रास्ते में शेर और भालू जैसी आवाजें सुनाई देने की जानकारी दी गई है। इससे बच्चों और परिवारों के लिए अनुभव और भी दिलचस्प हो सकता है।

3D वाइल्डलाइफ और इमर्सिव सफारी भी होगी

14-D थिएटर का अनुभव यहीं खत्म नहीं होगा। इसके बाद 3D वाइल्डलाइफ इमर्सिव सफारी का हिस्सा आएगा। इसमें बड़ी स्क्रीन और 3D इफेक्ट्स के जरिए जंगल और वन्यजीवों को दर्शाया जाएगा।

दर्शकों को ऐसा अनुभव देने की कोशिश होगी कि जंगल सिर्फ स्क्रीन के सामने नहीं, बल्कि उनके चारों तरफ मौजूद है। बड़े पर्दे पर दिखाई देने वाले वन्यजीवों और जंगल के दृश्यों को इस तरह प्रस्तुत किया जाएगा कि दर्शक खुद को उस वातावरण के करीब महसूस करें।

14 अलग-अलग इफेक्ट्स से तैयार किया गया वर्चुअल जंगल

जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में 14 अलग-अलग तरह के इफेक्ट्स शामिल किए गए हैं। स्क्रीन पर मौसम या जंगल से जुड़े दृश्य बदलने के साथ इन इफेक्ट्स को भी बदला जाएगा।

उदाहरण के लिए बारिश का दृश्य आने पर बादलों की आवाज, पानी की बूंदें और फॉग जैसे इफेक्ट एक साथ इस्तेमाल किए जा सकते हैं। वहीं पहाड़ या एडवेंचर से जुड़े दृश्यों में सीटों की मूवमेंट और दूसरे इफेक्ट्स अनुभव को बदल देंगे।

करीब 4 से 4.5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ प्रोजेक्ट

इंदौर जू के इस डिजिटल जंगल प्रोजेक्ट को तैयार करने में करीब 4 से 4.5 करोड़ रुपए की लागत आने की जानकारी दी गई है। प्रोजेक्ट को पूरा होने में तय समय से कुछ अधिक समय लगा।

बताया गया है कि इसे करीब डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन कुछ कारणों से इसमें लगभग दो महीने अतिरिक्त लगे। अब प्रोजेक्ट को दर्शकों के लिए शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

16 अगस्त से आम दर्शकों के लिए शुरू होगी सुविधा

इस 14-D वर्चुअल जंगल सफारी को आम दर्शकों के लिए 16 अगस्त से शुरू करने की जानकारी दी गई है। फिलहाल प्रवेश शुल्क 70 रुपए रखा गया है। हालांकि, प्रोजेक्ट की लागत और तकनीकी व्यवस्था को देखते हुए भविष्य में टिकट की कीमत में बदलाव का फैसला उच्च स्तर पर लिया जा सकता है।