MP सरकार द्वारा किसानों को कृषि यंत्र किराए पर देने की घोषणा पर कांग्रेस का हमला, जीतू पटवारी ने का तंज “मुंगेरीलाल के हसीन सपने”
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य के किसानों को अब कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे छोटे और सीमांत किसानों को खेती में मदद मिलेगी और उत्पादन बढ़ाने में भी आसानी होगी। इस घोषणा को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के वादों
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य के किसानों को अब कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे छोटे और सीमांत किसानों को खेती में मदद मिलेगी और उत्पादन बढ़ाने में भी आसानी होगी। इस घोषणा को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के वादों पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “इन दिनों जब भी आपके बयान सुनता हूं, एक पुराना सीरियल बार-बार याद आ जाता है.. मुंगेरीलाल के हसीन सपने। इसीलिए बार-बार दोहराता हूं कि आपके भाषणों में वादों की लंबी फेहरिस्त है, लेकिन ज़मीन पर सच्चाई पूरी तरह उलट है। आप जहां पानी दिखा रहे हैं, वहां बंजर जमीन है।”
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए घोषणा
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्र किराया केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर छोटे और सीमांत किसान ट्रैक्टर, रोटावेटर, हार्वेस्टर, सीड ड्रिल समेत आधुनिक कृषि उपकरण आसानी से किराए पर ले सकेंगे।
जीतू पटवारी ने किए सवाल
इस घोषणा को लेकर जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर हमला बोला है। उन्होंने तंस कसते हुए इसे “मुंगेरीलाल के हसीन सपने” बताया। कांग्रेस नेता ने कहा कि कितने गांवों में ये केंद्र वास्तव में चालू हैं, और इसे सिर्फ ‘इवेंट मैनेजमेंट’ वाला जुमला न बनाया जाए। उन्होंने सरकार के वादों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि नरवाई न जलाने की अपील के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था कब उपलब्ध होगी? 24 घंटे बिजली का वादा, लेकिन किसान अभी भी कटौती झेल रहे हैं। MSP और बोनस का भुगतान समय पर नहीं, और किसानों को मजबूरी में फसल सस्ते दामों पर बेचनी पड़ रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि BJP किसानों के नाम पर घोषणाओं की खेती कर रही है, जबकि जमीन पर संकट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि “आप विज्ञापन में समृद्धि दिखाते हैं और ज़मीन पर संकट छोड़ देते हैं। इसलिए, पहले जमीनी सच सुनिए, फिर जवाब दीजिए।”