कर्नाटक CM डीके शिवकुमार की शपथ से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला, सिद्धारमैया को CWC में दी जगह

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद की शपथ से ठीक पहले, कांग्रेस आलाकमान ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) का सदस्य नियुक्त किया है। दरअसल यह फैसला राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने संयुक्त रूप से लिया, जिससे कर्नाटक की राजनीति में एक

Jun 3, 2026 - 08:30
कर्नाटक CM डीके शिवकुमार की शपथ से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला, सिद्धारमैया को CWC में दी जगह

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद की शपथ से ठीक पहले, कांग्रेस आलाकमान ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) का सदस्य नियुक्त किया है। दरअसल यह फैसला राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने संयुक्त रूप से लिया, जिससे कर्नाटक की राजनीति में एक नया समीकरण बनता दिख रहा है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सिद्धारमैया की इस नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की।

जानकारी दे दें कि आज बुधवार शाम करीब चार बजे डीके शिवकुमार कर्नाटक के 34वें मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। उनके साथ लगभग 10 विधायक भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। इन संभावित मंत्रियों की सूची में सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया (45), जो कि एक एमएलसी हैं, का नाम भी शामिल है। यह शपथ ग्रहण समारोह राज्य की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा, जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

मंत्रिमंडल गठन पर भी हुआ मंथन

वहीं कांग्रेस पार्टी ने इस शपथ ग्रहण समारोह और आगामी मंत्रिमंडल गठन को लेकर गहन मंथन किया है। पार्टी की रणनीति है कि पहले दौर में गठित होने वाले कैबिनेट में कर्नाटक के विभिन्न जातीय समीकरणों को संतुलित किया जा सके। इस उद्देश्य से विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। संभावित मंत्रियों की सूची में लिंगायत समुदाय से एमबी पाटिल और ईश्वर खंड्रे के नाम प्रमुखता से शामिल हैं। दलित समुदाय से जी परमेश्वर, वोक्कालिगा समुदाय से रामलिंगा रेड्डी, तथा अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से सतीश जरकीहोली भी आज मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व केजे जॉर्ज करेंगे।

इन्हें भी मिल सकता है मौका

दरअसल मंत्रिमंडल में मुस्लिम उम्मीदवार के रूप में मौजूदा स्पीकर और पूर्व मंत्री यूटी खादर के नाम पर विचार किया जा रहा है। वहीं, सिद्धारमैया की जगह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के चेहरे के तौर पर उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को मौका मिल सकता है। दलित समुदाय से एक और युवा चेहरा मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कृष्णा बायरेगौड़ा जैसे वरिष्ठ नेता भी शपथ लेने वाले 10 मंत्रियों की प्रारंभिक सूची का हिस्सा बन सकते हैं।

हालांकि, नए कैबिनेट के गठन की इस प्रक्रिया में कुछ मौजूदा मंत्रियों को झटका लगने की संभावना है। शिवराज तंगदागी, मंकल वैद्य, बिरथी सुरेश और ज़मीर अहमद खान जैसे नामों को इस बार मंत्रिमंडल में जगह न मिलने की आशंका है। कर्नाटक में नई सरकार के गठन के साथ ही, भविष्य में उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ राज्य कांग्रेस के नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी विचार किया जा सकता है, जो डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली होगा। कांग्रेस का यह कदम राज्य की राजनीतिक स्थिरता और जातीय संतुलन को साधने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।