मध्य प्रदेश में 7 अगस्त से बस हड़ताल का ऐलान, बस ऑनर्स एसोसिएशन ने सरकार को दिया अल्टीमेटम

मध्य प्रदेश में यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने 7 अगस्त से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन बस हड़ताल और चक्का जाम की चेतावनी दी है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर जल्द फैसला नहीं करती

Jul 28, 2026 - 11:30
मध्य प्रदेश में 7 अगस्त से बस हड़ताल का ऐलान, बस ऑनर्स एसोसिएशन ने सरकार को दिया अल्टीमेटम

मध्य प्रदेश में यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने 7 अगस्त से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन बस हड़ताल और चक्का जाम की चेतावनी दी है।

एसोसिएशन का कहना है कि यदि सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर जल्द फैसला नहीं करती है, तो प्रदेशभर की निजी बसों का संचालन रोक दिया जाएगा। इससे रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

रक्षाबंधन से पहले यात्रियों की बढ़ी चिंता

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब रक्षाबंधन सहित कई त्योहार नजदीक हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने घर जाने की तैयारी कर रहे हैं। यदि बस हड़ताल होती है, तो सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे शहरों और उन यात्रियों पर पड़ेगा जो रोजाना निजी बसों पर निर्भर रहते हैं। अब सभी की नजर सरकार और बस संचालकों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी है।

बस ऑनर्स एसोसिएशन ने हड़ताल की चेतावनी क्यों दी?

बस संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, लेकिन उसी अनुपात में बस किराए में संशोधन नहीं किया गया। इसके कारण निजी बस व्यवसाय चलाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

एसोसिएशन का दावा है कि केवल डीजल ही नहीं, बल्कि वाहन रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च भी पहले की तुलना में काफी बढ़ गए हैं। इसके बावजूद आय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है।

बस संचालकों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो कई बस ऑपरेटरों के लिए अपना व्यवसाय जारी रखना मुश्किल हो जाएगा। इसी कारण उन्होंने 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन बस हड़ताल की चेतावनी दी है।

बस ऑनर्स एसोसिएशन की 7 प्रमुख मांगें

1. बस किराए में बढ़ोतरी

एसोसिएशन की पहली मांग है कि वर्ष 2021 के बाद डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को देखते हुए बस किराए में तत्काल संशोधन किया जाए।

2. मार्ग राष्ट्रीयकरण की प्रक्रिया पर रोक

बस संचालकों ने मांग की है कि मार्ग राष्ट्रीयकरण और टेंडर के जरिए रॉयल्टी वसूली की वर्तमान व्यवस्था पर रोक लगाई जाए।

3. पुराने परमिटों को मान्यता

परिवहन विभाग द्वारा पहले जारी किए गए सभी वैध परमिटों को बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के जारी रखा जाए।

4. केंद्रीय नियमों के अनुसार राहत

मोटरयान अधिनियम के तहत केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार निजी बस संचालकों को आवश्यक छूट दी जाए।

5. 15 साल पुरानी बसों को अनुमति

यदि किसी बस का फिटनेस प्रमाण पत्र वैध है, तो 15 वर्ष पूरे होने के बाद भी उसके परमिट का नवीनीकरण किया जाए।

6. RTO कार्यालयों में नियमित व्यवस्था

एसोसिएशन का कहना है कि कई बार अधिकारी और कर्मचारी समय पर उपलब्ध नहीं रहते, जिससे जरूरी काम लंबित हो जाते हैं। इसलिए नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

7. परिवहन विभाग की प्रक्रियाएं आसान हों

बस संचालकों ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और अनावश्यक कागजी कार्रवाई कम करने की मांग भी उठाई है।

 

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।