MP के सरकारी स्कूलों की बदहाली का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, उमंग सिंघार ने सरकार पर साधा निशाना

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली अब हाईकोर्ट के कटघरे में पहुंच गई है, जो सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों की भारी कमी और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं

Jul 2, 2026 - 11:30
MP के सरकारी स्कूलों की बदहाली का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, उमंग सिंघार ने सरकार पर साधा निशाना

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली अब हाईकोर्ट के कटघरे में पहुंच गई है, जो सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों की भारी कमी और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने लाखों बच्चों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सिर्फ शिक्षा व्यवस्था की विफलता नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के भविष्य के साथ किया गया सबसे बड़ा अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब हाईकोर्ट को भी सरकार से जवाब मांगना पड़ रहा है।

स्कूलों की बदहाल स्थिति का मामला हाईकोर्ट पहुंचा

मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव का मामला अब हाईकोर्ट की निगरानी में पहुंच गया है। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की युगलपीठ ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब तलब किया है। याचिका में दावा किया गया है कि हजारों स्कूल बिना शिक्षकों और आवश्यक सुविधाओं के संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों के शिक्षा के अधिकार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

इस मुद्दे पर उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में शिक्षकों के 2.89 लाख स्वीकृत पदों में से 1,15,678 पद रिक्त हैं। इसके अलावा 1,895 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी शिक्षक नहीं है। उन्होंने कहा कि लगभग 5,000 स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, 3,400 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं है और 59,000 स्कूलों में कंप्यूटर तक उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि इन हालात का असर यह हुआ कि पिछले दस वर्षों में सरकारी स्कूलों से 22.03 लाख विद्यार्थियों की संख्या कम हो गई। सरकार से जवाबतलब करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि बच्चों का भविष्य विज्ञापनों से नहीं, बल्कि शिक्षकों की समय पर भर्ती, बेहतर स्कूलों और जवाबदेह सरकार से बनता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इन तीनों मोर्चों पर गंभीरता नहीं दिखाई, जिसका खामियाजा प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।