NSO रिपोर्ट: बेरोजगारी 5.5% पहुंची, जीतू पटवारी का केंद्र सरकार पर हमला, कहा “कागजी विकास मॉडल की सच्चाई उजागर”
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ताजा पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर रोजगार के मुद्दे पर घेरा हैं। उन्होंने कहा कि एनएसओ के ताजा आंकड़ों ने सरकार के विकास और रोजगार संबंधी दावों की वास्तविकता उजागर कर दी है तथा देश
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ताजा पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर रोजगार के मुद्दे पर घेरा हैं। उन्होंने कहा कि एनएसओ के ताजा आंकड़ों ने सरकार के विकास और रोजगार संबंधी दावों की वास्तविकता उजागर कर दी है तथा देश का युवा आज भी रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मई 2026 में देश की बेरोजगारी दर बढ़कर 5.5 प्रतिशत पहुंच गई, जो पिछले 11 महीनों का उच्चतम स्तर है। उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश करने वालों की संख्या में भी कमी आई है जिससे यह संकेत मिलता है कि युवाओं का नौकरी मिलने को लेकर भरोसा कमजोर पड़ा है।
कांग्रेस ने रोज़गार के मुद्दे पर सरकार को घेरा
जीतू पटवारी ने कहा कि श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) भी 55 प्रतिशत से घटकर 54.4 प्रतिशत रह गई है, जबकि कार्यशील जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 51.4 प्रतिशत पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि रोजगार सृजन की रफ्तार अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ने युवाओं को हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार लगातार तेज आर्थिक विकास, रिकॉर्ड निवेश और उद्योगों के विस्तार के दावे कर रही है तब देश के युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर क्यों नहीं बन पा रहे हैं।
“कागजी विकास मॉडल की सच्चाई उजागर”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि लाखों युवा उच्च शिक्षा के बाद भी रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित हो रही हैं, जबकि नियमित और स्थायी नौकरियों की जगह संविदा आधारित भर्तियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे युवाओं में निराशा और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने के बजाय आंकड़ों की बाजीगरी में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट ने सरकार के कागजी विकास मॉडल की सच्चाई देश के सामने स्पष्ट कर दी है।